Daughters Day 2018 Poonam did not give up later on climbed the mount Everest - Daughter's Day 2018: पूनम ने हिम्मत नहीं हारी, एवरेस्ट जीत आईं DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Daughter's Day 2018: पूनम ने हिम्मत नहीं हारी, एवरेस्ट जीत आईं

Poonam Rana

जिले के नाल्ड गांव की पूनम राणा पर एक के बाद एक मुसीबतों के पहाड़ टूटते रहे पर हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार इसी साल 21 मई को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर उसने सारी मुसीबतों को मात दे दी। 

1997 में जन्म के छह माह बाद मां, पांच साल बाद पिता का निधन हो गया। 2015 में दोनों भाइयों की मौत हो गई। भाई की मृत्यु पर दुख जताने आए ट्रेकिंग कैंप के एक कर्मचारी ने पूनम को एवरेस्ट विजेता और टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन की निदेशक बछेंद्री पाल के बारे में बताया। वर्ष 2016 में बछेंद्री ने पूनम को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षण दिलाया और उत्तरकाशी स्थित बेस कैंप में इंस्ट्रक्टर बना दिया। इसके बाद बछेंद्री ने उसे एवरेस्ट अभियान में शामिल कर लिया। पूनम अभी उत्तरकाशी के सरकारी कॉलेज में पीजी की छात्रा हैं।

बेटी दिवस विशेष: गांव की बेटी ने ऑस्कर में दी दस्तक, पद्मावत को पछाड़ा 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Daughters Day 2018 Poonam did not give up later on climbed the mount Everest