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Hindi News उत्तराखंडचार लड़कियों की मदद से क्रेडिट कार्ड फ्रॉड का अनोखा तरीका, मोबाइल फोन हैक कर एकाउंट खाली 

चार लड़कियों की मदद से क्रेडिट कार्ड फ्रॉड का अनोखा तरीका, मोबाइल फोन हैक कर एकाउंट खाली 

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर ठगी की शिकायत के लिए बनाए गए पोर्टल पर इस तरह ठगी की 22 शिकायतों में प्रयुक्त मोबाइल नंबर हरिद्वार क्षेत्र में संचालित होने की जानकारी मिली। 

चार लड़कियों की मदद से क्रेडिट कार्ड फ्रॉड का अनोखा तरीका, मोबाइल फोन हैक कर एकाउंट खाली 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानWed, 15 May 2024 04:28 PM
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हैलो! क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से नेहा शर्मा बात कर रही हूं। सर, बैंक आपको फ्री क्रेडिट कार्ड ऑफर कर रहा है। जिसकी लिमिट पांच लाख रुपये होगी। क्या आप क्रेडिट कार्ड लेना चाहेंगे।’ इस तरह झांसे में लेकर फिर मोबाइल पर लिंक भेजकर फोन हैक कर बैंक खाते खाली करने वाले गैंग का एसटीएफ ने मंगलवार को खुलासा किया है।

गैंग का एक आरोपी को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। 11 अन्य फरार हैं। आरोपी ठगी के लिए भेजे जाने वाले लिंक बिहार के पटना से उपलब्ध कराए जा रहे थे। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने मंगलवार दोपहर प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर ठगी की शिकायत के लिए बनाए गए पोर्टल पर इस तरह ठगी की 22 शिकायतों में प्रयुक्त मोबाइल नंबर हरिद्वार क्षेत्र में संचालित होने की जानकारी मिली। एसटीएफ ने मोबाइल नंबर और जिन खातों में रकम जमा हुई, उनकी जानकारी जुटाते हुए सोमवार रात हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र रावली महदूद में रेड की।

एक घर में छापा मारकर विपिन पाल उम्र 26 वर्ष निवासी रामनगर रावली महदूद थाना सिडकुल जिला हरिद्वार, मूलनिवासी पिंडोरा जहांगीरपुर थाना झिंझाना जिला शामली, यूपी को गिरफ्तार किया। उसके जरिए ठगी में प्रयुक्त छह मोबाइल फोन, एक कार्ड से भुगतान की मशीन, एक कंप्यूटर, 14 डेबिट कार्ड, तीन ठगी के रिकार्ड से जुड़े रजिस्टर और एक चेक बुक बरामद की। आरोपी के खिलाफ एसटीएफ निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट की तरफ से हरिद्वार के सिडकुल थाने में केस दर्ज कराया गया।

ठगी का कॉल करने के लिए चार लड़कियों की मदद
आरोपी गैंग ने ठगी की कॉल कराने के लिए चार युवतियों को रखा हुआ था। ये लोगों को कॉल कर बिना किसी चार्ज के क्रेडिट कार्ड का लालच देती थीं। इसके बाद उनसे खाते, पेन कार्ड समेत अन्य जानकारी लेकर ठगी की जाती। गैंग में फरार आरोपियों की एसटीएफ ने तलाश शुरू कर दी है।

आरोपी ठगी में प्रयुक्त सिम कार्ड लगातार बदलते रहते। लेकिन, मोबाइल फोन जल्द नहीं बदलते। मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर के जरिए एसटीएफ आरोपियों तक पहुंची। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि विपिन पाल 10वीं पास है। वह पिछले कई साल से इस तरह की धोखाधड़ी कर रहा है।

क्रेडिट कार्ड के साथ ही यह गैंग लोन दिलाने और इंश्योरेंस भुगतान का झांसा देकर भी ठगी कर चुका है। आरोपी के साथ गैंग में मयंक, मुरारी निवासी दिल्ली, विक्रम निवासी बदांयू, हर्षित निवासी दिल्ली, दीक्षा निवासी बदांयू, सतीश निवासी पटना, बिहार, खुशी निवासी निकट साईं मंदिर बहादराबाद, हरिद्वार, तनुज पाल निवासी गाजियाबाद, मोहित पाल निवासी मुरादनगर, करिश्मा निवासी ब्रह्मपुरी, रावली महदूद, सोनल निवासी रावली महदूर, हरिद्वार जुड़े हैं। जिन लोगों को ठगी के लिए कॉल की जाती है, उनका नाम और नंबर मुरारी, हर्षित और मयंक उपलब्ध कराते।

आरोपियों के खातों में 70 लाख का लेनदेन
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि आरोपी गैंग से जुड़े लोगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई। इस दौरान हाल के कुछ महीनों में 70 लाख रुपये के लेनदेन की जानकारी का पता लगा है। गिरफ्तार आरोपी ने ठगी की रकम से रावली महदूद में अपना दो मंजिला मकान बनाया हुआ है। वह वर्ष 2017 से हरिद्वार में रह रहा है।