court opinions auli place is not accurate for marriage events in uttarakhand - औली जैसे स्थल शादी के इवेंट के लिए नहीं : कोर्ट DA Image

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औली जैसे स्थल शादी के इवेंट के लिए नहीं : कोर्ट

गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी के प्रकरण में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश रंगनाथन ने माना कि औली जैसे स्थल शादी के इवेंट के लिए नहीं हैं। मामला एक सप्ताह पहले आने पर इस पर रोक पर विचार किया जा सकता था। अदालत ने सुनवाई के दौरान सरकार और गुप्ता बंधुओं तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी को रिकॉर्ड में रखने के आदेश दिए हैं। वहीं प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंधन होने की संभावना के मद्देनजर गुप्ता बंधुओं से 1.5 करोड़ मंगलवार को और शेष 1.5 करोड़ 22 जून को जमा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना वसूला जा सके।  औली बुग्याल नहीं : औली में हो रही गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी के मामले में बहस के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि, औली का संबंधित क्षेत्र बुग्याल नहीं है। यहां विवाह समारोह के दौरान हवाई सेवा में मानकों का पालन किया जा रहा है। शादी में 150 लोग शामिल होंगे: गुप्ता बंधुओं के अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि पहले से पता होने पर उनके मुवक्किल यहां विवाह समारोह की तैयारी नहीं करते। उनकी ओर से कहा गया कि शादी समारोह में 150 अतिथि शामिल होंगे और इसके अलावा लगभग 200 लोग यहां काम करने वाले होंगे।


अस्थायी हेलीपैड के उपयोग पर रहेगी पाबंदी 
अदालत ने अस्थायी हेलीपैड के उपयोग पर पाबंदी जारी रखी है। याची ने औली में आठ अस्थायी हेलीपैड बनाने की   बात कही थी। हालांकि सरकार ने अदालत  में साफ किया है कि औली में कोई भी अस्थायी हेलीपैड नहीं बनाया गया है। लेकिन पहले मौजूद हेलीपैड  का नियमानुसार उपयोग करने की अदालत ने छूट दी है। अदालत ने डीजे और लाइव आर्केस्टा आदि के मामले में तय नियमों का कड़ाई से पालन के  भी निर्देश दिए हैं। 

औली बुग्याल है: याची
याची रक्षित जोशी की ओर से अदालत में कहा गया कि औली में शादी समारोह में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन होने का पूरा खतरा है। औली बुग्याल है। हाईकोर्ट ने पिछले आदेश में समुद्र तल से ढाई हजार मीटर से ऊपर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जबकि औली 3 हजार मीटर ऊंचाई में है। अदालत को जेसीबी लगाकर भूमि समतल किए जाने की भी जानकारी दी गई। विवाह स्थल में जनरेटर सहित अन्य हीटिंग उपकरणों से पर्यावरण के लिए खतरा हो सकता है। अस्थायी हेलीपैड बनाए गए हैं। 

जनगीत गाकर विरोध किया
देहरादून। औली में हो रहे विवाह समारोह के विरोध में मंगलवार को गांधी पार्क में पर्यावरण प्रेमियों ने जन गीत गाकर विरोध जताया। वक्ताओं ने सरकार की नई वन नीति के खिलाफ भी विरोध जताया। डॉ. जितेंद्र भारती ने कहा सरकार एक ओर पर्यावरण के नाम पर रोजगार करने से रोकती है, वहीं दूसरी ओर औली जैसे बुग्याल पर विवाह करने का न्योता देती है। मौके पर सतीश धोलाखण्डी ने जनगीत गाए। जयदीप सकलानी, कुसुम लता कनौजिया, सुमन डोभाल काला, दीपा कौशलम, गणेश धामी, हिमांशु चौहान, ह्रदेश साही, त्रिलोचन भट्ट मौजूद रहे।  

 


 

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