DA Image
4 जुलाई, 2020|10:39|IST

अगली स्टोरी

कोरोना : उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के परिजन डिस्चार्ज के बाद फिर हुए भर्ती

satpal maharaj  uttarakhand cabinet minister

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के परिजनों को भर्ती होने के एक दिन बाद ही डिस्चार्ज कर देने और देर रात फिर से एम्स में भर्ती कर लेने को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। एम्स जैसा देश का प्रतिष्ठित संस्थान भी इस मामले में बार बार अपना स्टेंड बदलता रहा। सवाल उठ रहा है कि, कोरोना जैसी महामारी के सामान्य मरीज के साथ भी ऐसा हो सकता है कि, वह जब चाहे डिस्चार्ज हो जाए और जब चाहे दोबारा भर्ती हो जाए?

एम्स, ऋषिकेश की ओर से सोमवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने कहा कि, मंत्री सतपाल महाराज के दो बेटों, दो बहुओं और एक पोते को कोरोना के लक्षण नहीं होने और उनके आग्रह पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। प्रो. मिश्रा ने बकायदा वीडियो कैमरे के सामने कहा कि, बीते रविवार को काबीना मंत्री, उनकी पत्नी समेत सात पारिवारिक सदस्यों को कोविड संक्रमित पाए जाने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था। जहां सभी सदस्यों की विस्तृत जांच की गई।

उन्होंने बताया कि, सोमवार को डिस्चार्ज किए गए सभी सदस्य ए-​सिम्टमैटिक (जिनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे) हैं। मिश्रा ने कहा कि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के तहत ऐसे लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा जा सकता है। लिहाजा मंत्री के परिजनों के व्यक्तिगत आग्रह पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तथा होम कोरंटाइन में रहने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि काबीना मंत्री के पारिवारिक जनों ने घर में कोरंटाइन में रहने की बेहतर व सुविधाजनक वातावरण की बात कही थी, लिहाजा केंद्र की गाइड लाइन के तहत पांच लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

पीआरओ ने कहा, डिस्चार्ज करने की थी तैयारी
उधर, संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा के ऐलान के इतर, एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने देर शाम हिन्दुस्तान से कहा कि, मंत्री के परिजनों को डिस्चार्ज करने की तैयारी थी। लेकिन उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया। इससे पहले थपलियाल ने कहा था कि, मंत्री के परिजनों को सोमवार शाम 4:30 बजे एम्स से डिस्चार्ज किया गया और रात नौ बजकर पच्चीस मिनट पर फिर से एम्स में भर्ती कर लिया गया।

दून स्थित आवास में नहीं घुसने देने की बात आयी सामने
सोमवार शाम को यह सामने आयी कि, एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद जब मंत्री महाराज के परिजन देहरादून पहुंचे, तो उनके आवास का इलाका पाबंद होने के कारण उन्हें घर में नहीं घुसने नहीं दिया गया। इसलिए वे वापस जाकर एम्स में भर्ती हो गए। हालांकि, एसपी सिटी श्वेता चौबे ने कहा कि, कैबिनेट मंत्री का परिवार देहरादून स्थित आवास पर नहीं पहुंचा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Corona: Uttarakhand cabinet minister Satpal Maharaj family get discharge and again admitted to the hospital