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उत्तराखंड कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार पर ग्रामीणों ने की पत्थरबाजी,नजदीकी गांव में कोविड बुजुर्ग की हुई थी मौत

हिन्दुस्तान टीम, अस्कोट पिथौरागढ़ Published By: Himanshu Kumar Lall
Mon, 24 May 2021 07:54 PM
 कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार पर ग्रामीणों ने की पत्थरबाजी,नजदीकी गांव में कोविड बुजुर्ग की हुई थी मौत

तीतरी में काली नदी किनारे कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार पर ग्रामीणों ने शवदाह को आए लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीण गांव के नजदीक अंतिम संस्कार करने का विरोध कर रहे थे। जिससे वहां बवाल हो गया। कनालीछीना के नजदीक ख्वांकोट के 97वर्षीय एक बुजुर्ग की रविवार को कोरोना से मौत हो गई। कनालीछीना विकासखंड के कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने तीतरी गांव के नजदीक काली नदी किनारे शवहाद स्थल चिन्हित किया है। बुजुर्ग की मौत की सूचना पर प्रशासन ख्वांकोट पहुंचा और शव को तीतरी ले जाया गया।

लेकिन तीतरी व स्यालतड़ के ग्रामीण संक्रमित शव का गांव के नजदीक अंतिम संस्कार करने से भड़क गए। उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। प्रशासन व परिजनों ने इसके बाद भी अंतिम संस्कार की कार्रवाई जारी रखी तो ग्रामीणों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान हाथापाई भी शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के नजदीक संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करने से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तहसीलदार मनीषा बिष्ट ने अस्कोट थाने से पुलिस बुलाई। उन्होंने किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया।

नेपाल के लोगों ने भी किया विरोध
तीतरी में कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार का नेपाल ने भी विरोध किया। जब प्रशासन व परिजन अंतिम संस्कार कर रहे थे तो तीतरी व स्यालतड़ के ग्रामीणों के साथ ही काली नदी के पार नेपाल के लोग भी शोर मचाकर विरोध शुरू करने लगे।

ग्रामीणों के विरोध करने पर अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अस्कोट थाने को निर्देशित किया गया है। पूर्व में ही संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए यह स्थान चिन्हित किया गया है।
मनीषा बिष्ट, तहसीलदार, कनालीछीना

 

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