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कोरोना फर्जी जांच:एसआईटी जांच में खुलासा- हरिद्वार कुंभ में टेस्टिंग को एक ने किया इनकार, दूसरे ने दिया ठेका

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu Kumar Lall
Wed, 23 Jun 2021 10:36 AM
कोरोना फर्जी जांच:एसआईटी जांच में खुलासा- हरिद्वार कुंभ में टेस्टिंग को एक ने किया इनकार, दूसरे ने दिया ठेका

हरिद्वार कुंभ में कोरोना फर्जी जांच के नाम पर हुए घोटाले का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।  एसआईटी जांच में खुलाया हुआ है कि घोटाले में जिस फर्म मैक्स कॉरपोरेट सर्विस पर केस दर्ज हुआ है उसने जनवरी में जांच के लिए मेला और जिले के स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मांगी थी। हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग ने फर्म को ठेका देने से इनकार कर दिया था। लेकिन मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 26 मार्च को फर्म को अनुमति दे दी गई। इसी अनुमति के आधार पर 5 अप्रैल को हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए फर्म को आईडी और पासवर्ड बनाकर दे दिया। सवाल खड़ा रहा है कि जब हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग ने फर्म को रिजेक्ट कर दिया तो मेला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किसके दबाव में फर्म को ठेका दिया।

अभी तक हुई प्रशासन की जांच में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच टीम अधिकारियों की लापरवाही भी इस मामले में देख रही है। दिसंबर वर्ष 2020 में बैठक के बाद यह निर्णय हुआ था कि हरिद्वार कुंभ में आने वालों की सीमाओं पर जांच की जाएगी। इसके बाद ही हरिद्वार कुंभ में जांच के लिए लैबों ने आना शुरू किया था।  स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी में लैबों को काम करने का ठेका दिया था। कई लैबों को इससे पहले भी अनुमति दी गई थी। मार्च में मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति जारी की गई थी। 

एसआईटी ने की बैठक:एसआईटी टीम में शामिल सदस्यों ने लंबी बैठक की। बैठक में अभी तक की पड़ताल में सामने आए तथ्यों का परीक्षण करते हुए अगली कार्यवाही की रणनीति बनाई गई। कुछ सवालों की सूची भी तैयार की गई है। अधिकारियों से कुंभ में टेस्टिंग का टेंडर लेने के दौरान फर्म की ओर से दाखिल दस्तावेज भी एसआइटी ने जुटाए हैं।

एक माह की नौकरी: कर्मचारी ने पुलिस को बताया है कि उसने फर्म के साथ एक माह ही नौकरी की थी। कर्मचारी उत्तराखंड में फर्म का काम देख रहा था।

एसआईटी के अलावा प्रशासन की जांच टीम भी इस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। विस्तृत जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। 
सी रविशंकर, जिलाधिकारी, हरिद्वार 

फर्म के कर्मचारी से चार घंटे की एसआईटी ने पूछताछ
कुंभ में कोरोना जांच के नाम पर हुए घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने फर्म के कर्मचारी से 4 घंटे की लंबी पूछताछ की। घोटाले में शामिल लोगों के नाम भी एसआईटी ने कर्मचारी से पूछे। एसआईटी के सवालों के जवाब में कर्मचारी घिरते हुए नजर आए। सीएमओ डा. शंभू कुमार झा, मेलाधिकारी स्वास्थ्य डा. अर्जुन सेंगर और नोडल अधिकारी डा. एनके त्यागी के बयान दर्ज करने के बाद मंगलवार को एसआईटी की टीम ने फर्म के एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए बुलाया। हरिद्वार पहुंचे कर्मचारी से एसआईटी प्रभारी राकेश रावत, जांच अधिकारी राजेश साह, एसआईटी में शामिल राजेंद्र सिंह रावत समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने कर्मचारी से अलग-अलग सवाल पूछे।  हरिद्वार में कंपनी की ओर से काम कर रहे कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। साथ ही फर्म के मालिक से जुड़ी कई जानकारियां भी एसआईटी टीम ने ली है।इससे पहले एसआईटी ने फर्म मैक्स कॉरपोरेट सर्विस 515, अंसल चैंबर-2 भीकाजी कामा प्लेस, नई दिल्ली और लैब नलवा लैबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 83, रेड स्क्वायर मार्केट हिसार हरियाणा और डा. लाल चंदानी लैब्स  नई दिल्ली को नोटिस जारी कर तलब किया था।

 

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