ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंडठेकेदार 6 साल बाद गिरफ्तार तीन घंटे में जमानत पर बाहर, इसलिए जारी हुआ था गैर जमानती वारंट

ठेकेदार 6 साल बाद गिरफ्तार तीन घंटे में जमानत पर बाहर, इसलिए जारी हुआ था गैर जमानती वारंट

दोनों मामलों में आरोपी धनंजय को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह फरार था। हल्द्वानी सेशन कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। धनंजय ने इन मामलों में जमानत याचिका दायर कर रखी थी।

ठेकेदार 6 साल बाद गिरफ्तार तीन घंटे में जमानत पर बाहर, इसलिए जारी हुआ था गैर जमानती वारंट
punjab and haryana high court
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी, हिन्दुस्तानSat, 25 May 2024 06:07 PM
ऐप पर पढ़ें

छह साल बाद गिरफ्तारी के बाद चेक बाउंस मामले के आरोपी प्रॉपर्टी डीलर एवं ठेकेदार की जमानत मंजूर हो गई। पुलिस को इसका भनक तक नहीं लगी। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार सुबह आरोपी की गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।

गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद चेक बाउंस के सभी सात मामलों में आरोपी को जमानत मिलने की जानकारी पुलिस को मिली। सुभाषनगर निवासी धनंजय गिरि के खिलाफ 2019 और 2021 में हल्द्वानी निवासी अब्दुल हई और उमा पीतांबर की ओर से चेक बाउंस के दो मामले दर्ज हुए थे।

दोनों मामलों में आरोपी धनंजय को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह फरार था। हल्द्वानी सेशन कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। धनंजय ने इन मामलों में जमानत याचिका दायर कर रखी थी। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को एक टेंडर की रकम जमा करने आए धनंजय को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाल उमेश मलिक ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया, वहां पुलिस के पता चला कि उसकी सातों मामलों में जमानत मंजूर है। बताया कि धनंजय के खिलाफ रुद्रपुर, काठगोदाम और लालकुआं थाने में भी चेक बाउंस के चार मामले दर्ज हैं। बताया कि कोर्ट सेे उसे सभी सात मामलों में जमानत मिल गई है।

बैंकों का बड़ा कर्जदार
धनंजय गिरि शहर की वह शख्सियत है, जो करोड़ों के कारोबार से जुड़ा है। सूत्रों की मानें तो धनंजय पर अलग-अलग बैंकों का बड़ा कर्ज भी है। कर्ज नहीं चुका पाने पर सहकारी बैंक तो अभी तक उसकी करीब सात-आठ संपत्तियां सीज कर चुका है।

सफेदपोशों का अजीज
यह बात शायद ही किसी से छिपी होगी कि धनंजय कई सफेदपोशों, नौकरशाहों का अजीज है। सूत्र बताते हैं कि वह जिन रसूखदार लोगों का करीबी है, उनके आर्थिक हितों का राजदार भी है।

ट्रेस नहीं हो रही थी लोकेशन
पुलिस से जब धनंजय की गिरफ्तारी को लेकर बात की तो एक और बात सामने आई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धनंजय ने हल्द्वानी में अपना सुभाषनगर स्थित मकान बेच दिया है। इसे बाद उसकी लोकेशन नहीं मिल रही थी।