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8 अगस्त, 2020|2:24|IST

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कोरोना: जनता पर जुर्माना, कांग्रेसियों पर केस और भाजपाइयों को खुली छूट, कानून के दिख रहे हैं अलग-अलग रूप

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उत्तराखंड में मास्क नहीं पहनने अथवा सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ने के मामले में कानून के अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। अगर, जनता ये नियम तोड़ती है तो उसे जुर्माना हो रहा है। कांग्रेसी नियम तोड़ते हैं तो उन पर मुकदमे हो रहे हैं, लेकिन सत्तारुढ़ भाजपा से जुड़े नेताओं को नियम तोड़ने की छूट मिल रही है। अब तक के कई उदाहरण यही साबित कर रहे हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क नहीं पहनने पर जनता तो दूर, सियासी दलों के नेता भी आगे रहे। लॉकडाउन में राशन या मास्क-सेनेटाइजर वितरण हो या फिर अनलॉक में सियासी दलों के कार्यक्रम, कई बार नियम टूटते दिखे। मगर, प्रशासन को कार्रवाई के नाम पर विपक्ष दिखा।

हालांकि, लॉकडाउन से पहले ही प्रशासन ने यह लकीर खींच ली थी, जब 16 मार्च को देहरादून में दो संदिग्ध मरीजों से मिलने कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना गए थे। उन्हें 14 दिन होम क्वारंटाइन के निर्देश दे दिए गए थे, पर राजपुर रोड क्षेत्र से भाजपा विधायक खजान दास को छोड़ दिया।

हालांकि, विधायक का कहना है कि तब वे उस ओर नहीं गए, जहां संदिग्ध भर्ती थे। 12 जुलाई को रुड़की के मेयर गौरव गोयल की वापसी के वक्त भी भाजपा मुख्यालय में सोशल डिस्टेंस का मखौल उड़ा था, लेकिन, किसी पर एक्शन नहीं हुआ। इस कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंचती जा रही हैं।

जाजू-बंशीधर और महाराज पर एक्शन नहीं
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज पर गाइड लाइन का पालन नहीं करने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 20 मई को उनके घर पर क्वारंटाइन का नोटिस चस्पा होने के बावजूद वे सरकारी बैठकों में हिस्सा लेते रहे। दूसरी ओर, भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू पर सेल्फ क्वारंटाइन अवधि में बारह जुलाई एवं प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत पर 19 जुलाई को हरिद्वार में बंदी के दिन मंदिर खुलवाकर पूजा कराने का आरोप है। मगर, स्थानीय प्रशासन ने इन मामलों का संज्ञान नहीं लिया।


मास्क नहीं पहनने पर डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों पर हुई कार्रवाई 
उत्तराखंड में कोरोना काल में मास्क नहीं पहनने के मामले में मित्र पुलिस अब तक एक लाख 53 हजार 742 लोगों पर जुर्माना लगा चुकी है। सबसे ज्यादा देहरादून जिले में 61 हजार 381 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हरिद्वार में 21,243, यूएसनगर जिले में 15,682 और नैनीताल जिले में 14 हजार 605 लोगों पर जुर्माना लगाया गया।

पुलिस मुख्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन में राज्यभर में 16,616 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इसमें सबसे ज्यादा 2,702 लोगों पर कार्रवाई हरिद्वार में हुई है। वहीं, हल्द्वानी में लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ने पर 25 कांग्रेसी और पांच सपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए।

 

कानून के अलग-अलग रूप ?

  • 25 जून को शहर कोतवाली में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत 150 लोगों पर महामारी के बीच मानव शृंखला बनाने के आरोप में केस
  • 29 जून को रायपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत और 50 कार्यकर्ताओं के खिलाफ बैल गाड़ी यात्रा निकालने पर मुकदमा
  • 27 जुलाई को हरीश-प्रीतम समेत 200 लोगों पर डालनवाला में केस
  • 27 जुलाई को ही एनएसयूआई के 40 कार्यकर्ताओं पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट कर ली गई
  • 29 जुलाई को डीएवी के बाहर प्रदर्शन करने पर एनएसयूआई के 20 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा 

 

 


प्रतिक्रिया
भाजपा कोविड के नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है। इसी वजह से पार्टी ने अपने कार्यक्रम स्थगित किए हैं। जिस फिल्म के मूहुर्त कार्यक्रम में शरीक हुआ, वहां मैंने मास्क लगाया था। सिर्फ फोटो सेशन में आग्रह पर मास्क उतारा। कांग्रेस अपनी याददाश्त दुरस्त कर ले, दून में भाजपा के एक वरिष्ठ पार्षद और कार्यकर्ताओं पर भी मुकदमे हो चुके हैं।
बंशीधर भगत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
 
सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ चुका है। भाजपा मुख्यालय में रुड़की मेयर की वापसी पर सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी फिल्म के मूहुर्त में मास्क नहीं पहना था। कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर नियमों मानने के साथ प्रदर्शन करती है तो केस दर्ज हो जाते हैं। सरकार के इशारे पर प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने 
की कोशिश कर रहा है।  
प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
 
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  • Web Title:common man penalized and case registered on congress men while bjp activists violating lockdown norms not wearing masks not maintaining social distancing and amid increasing corona virus cases in uttarakhand