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Hindi News उत्तराखंडधामी सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का प्रदर्शन; पार्टी ने चेताया

धामी सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का प्रदर्शन; पार्टी ने चेताया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी के सभी मंत्री और विधायकों को अनुशासन में रहने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की पैरवी ठीक है, लेकिन इसमें सयंम बरतना बेहद जरूरी है। 

धामी सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का प्रदर्शन; पार्टी ने चेताया
subodh uniyal durgehswar lal
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानWed, 03 Jan 2024 08:53 PM
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सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल के खिलाफ भाजपा के पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के आंदोलन के बाद उत्तराखंड बीजेपी संगठन भी हरकत में आया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने पार्टी के सभी मंत्री और विधायकों को अनुशासन में रहने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की पैरवी ठीक है, लेकिन इसमें सयंम बरतना बेहद जरूरी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल के बीच मंगलवार को हुए विवाद को भाजपा संगठन ने गंभीरता से लिया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने वन मंत्री व विधायक दोनों से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। बुधवार को दोनों से बात करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह जरूरी है कि पार्टी में अनुशासन बना रहे।

उन्होंने कहा कि कल जिस तरह का व्यवहार प्रदर्शित किया गया उसे संगठन में कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पार्टी के सभी मंत्रियों, विधायकों और जन प्रतिनिधियों से सार्वजनिक जीवन में संयम एवं अनुशासन का पालन करने को कहा है।

मंत्री और विधायक ने घटनाक्रम पर जताया खेद
महेंद्र भट्ट ने बताया कि बुधवार को उनकी वन मंत्री के साथ ही पुरोला विधायक से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हुई बातचीत के दौरान दोनों ने अपने व्यवहार के लिए खेद जताया है और भविष्य में विशेष ध्यान रखने की बात कही है।

इधर प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने मंगलवार के घटनाक्रम पर खेद जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर वह वन मंत्री से मिले थे।

लेकिन कुछ तकनीकी बिंदुओं पर गलत फहमी के कारण यह पूरा प्रकरण हुआ। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बातचीत के बाद सभी विषयों पर स्थिति स्पष्ट हो गई हैं।

विकास को लेकर चर्चा जरूरी पर बहस न करें
महेंद्र भट्ट ने कहा कि विधायकों का जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर मंत्री व अधिकारियों से मिलना सामान्य बात है। क्षेत्र के विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा व बहस होना भी स्वस्थ लोकतंत्र का परिचायक है। लेकिन विवाद की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए और इसका सभी को ध्यान रखने को कहा गया है।

क्या था मामला
विधायक दुर्गेश्वर का आरोप है कि गोविंद वन्यजीव विहार और टौंस डीएफओ क्षेत्र की जनता का उत्पीड़न कर रहे हैं। दशकों से बसे लोगों को हक-हकूक का लाभ और वन्यजीव विहार में पर्यटकों को भी प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

इसके साथ ही कई योजनाओं का बजट भी दोनों अफसरों ने लौटा दिया है। विधायक दोनों डीएफओ के अटैचमेंट की मांग को लेकर पहुंचे थे। भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल ने टौंस और गोविंद वन्यजीव विहार के डीएफओ के अटैचमेंट को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास पर धरना दिया।

बाद में उन्होंने मंत्री पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। मंत्री ने विधायक पर पीसीसीएफ के हाथ से कागज छीनकर फाड़ने का आरोप लगाया।