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बालिका की मौत की विभागीय जांच के लिए बनाई कमेटी

बालिका निकेतन में 16 वर्षीय बालिका के आत्महत्या करने की घटना के बाद बाल विकास एवं महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्य बालिका निकेतन पहुंचीं। मंत्री ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मंत्री ने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री रेखा आर्य गुरुवार सुबह केदारपुरम स्थित बालिका निकेतन पहुंचीं। यहां व्यवस्थाओं को देखने के बाद निकेतन में रह रही बालिकाओं से पूछताछ की। मंत्री ने बताया कि जिस बालिका की मौत हुई है, उस पर सौतेली मां की हत्या का केस चल रहा है। पहले वह नारी निकेतन में थी। तीन मई को उसे न्यायालय के आदेश पर बालिका निकेतन में शिफ्ट किया गया, लेकिन पूछताछ में पता चला है कि तब से वह परेशान थी, लेकिन बालिका निकेतन में उसका मन नहीं लग रहा था और वापस नारी निकेतन में जाना चाहती थी।

 


समय पर उपचार मिलता तो बच जाती लड़की की जान
बालिका निकेतन में किशोरी की मौत के मामले में लापरवाही भी नजर आयी है। न तो बालिका निकेतन में प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था मिली और न ही एंबुलेंस और चिकित्सक। बाल आयोग की अध्यक्ष ने इन लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी दी है।बालिका निकेतन में किशोरी की मौत होने के बाद सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर बालिका निकेतन में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों के दावों की पोल इस हादसे से खुल गई है। बता दें कि बालिका निकेतन में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां मेडिकल की सुविधा नहीं है। हाल यह है कि सरकारी अस्पताल का एक चिकित्सक हफ्ते-15 दिन में निकेतन में आकर जांच कर खानापूर्ति कर लेते हैं। बालिका निकेतन, शिशु निकेतन में  बच्चों के रहने के बावजूद परिसर में चिकित्सा की न तो कोई व्यवस्था की गई है और न ही चिकित्सक को तैनात किया गया है। बच्चों की मानें तो अगर निकेतन में चिकित्सा की सुविधा होती तो किशोरी को समय पर उपचार देकर बचाया जा सकता था। 

वहीं दूसरी ओर घटना की सूचना देने के बावजूद 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा आधे घंटे की देरी से बालिका निकेतन पहुंची। इस देरी के कारण भी बालिका को अस्पताल ले जाने में करीब एक घंटे तक का समय लग गया। मगर इस दौरान न तो निकेतन के किसी कर्मचारी ने किशोरी को अस्पताल पहुंचाने के लिए खुद पहल की और न ही निजी वाहनों की व्यवस्था की।  देर रात बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी भी अव्यवस्थाओं को लेकर नाराज दिखीं। उन्होंने बालिका निकेतन के कर्मचारियों और वहां रह रहे बच्चों से मामले को लेकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि किशोरी को नारी निकेतन से बालिका निकेतन में लाया गया था, लेकिन वह कई बार नारी निकेतन जाने की बात कह चुकी थी। उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यहां रह रहे बच्चे भी हमारे बच्चों की तरह ही हैं। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी हमारी है। 


कक्षा से उठकर चली गई थी किशोरी
देर रात बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बालिका निकेतन पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े 6 बजे कक्षाएं चल रही थीं। इस दौरान किशोरी कक्षा से चली गई। साथियों के उसके वहां नहीं मिलने पर खोज की तो बाथरूम का एक दरवाजा बंद मिला। दूसरी लड़की ने दूसरे बाथरूम के ऊपर से झांककर देखा तो वहां बाथरूम की कुंडी से दुपट्टे से लटकी मिली। कहा कि वह मां की हत्या और छोटे भाई-बहनों के कारण अवसाद में थी। हालांकि मंगलवार को ‘हम’ संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डांस किया था। 


 

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  • Web Title:Child Development and Women Welfare Minister Rekha Arya visits ballika niketan kedarpuram in dehradun