chief of army staff general bipin rawat says he would work for his native village after retirement in uttarkashi - रिटायरमेंट के बाद गांव के लिए कुछ करूंगा : आर्मी चीफ बिपिन रावत DA Image

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रिटायरमेंट के बाद गांव के लिए कुछ करूंगा : आर्मी चीफ बिपिन रावत

थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत शुक्रवार को पत्नी संग अपनी ननिहाल थाती गांव पहुंचे। यहां रावत अपने ममेरे भाई व उनके परिवार से मिले। इस दौरान उन्होंने बचपन की यादें साझा कीं। साथ ही कहा कि रिटायरमेंट के बाद अपने गांव और ननिहाल के लिए कुछ करेंगे। केदारनाथ, बदरीनाथ तथा मां गंगा के दर्शनों के बाद जनरल बिपिन रावत शुक्रवार को डुंडा ब्लॉक के धनारी पट्टी स्थित अपने ननिहाल  थाती गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने फूलमालाओं, ढोल-दमाऊ और भारत माता के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान रावत ने अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार व उनके परिवारजनों से मुलाकात की और उपहार भेंट किए। वह अपने नाना के पैतृक घर पंचपुरा भी गए। उनके ममेरे भाई ने उन्हें नाना, नानी, मां व उनकी एक  पुरानी फोटो भेंट की। इसे देखकर रावत काफी खुश हुए।  जनरल रावत ने कहा कि एक दशक के बाद वह ननिहाल आए हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद कोशिश होगी की वह अपने गांव तथा ननिहाल आएं। उन्होंने कहा कि पहाड़ों से पलायन बहुत चिंताजनक है। पलायन से गांव खाली हो रहे हैं। उन्होंने कहा, पहाड़ों में मेडिकल-इंजीनियरिंग कॉलेज खुलेंगे तो यहां के युवा पलायन नहीं करेंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। सेनाध्यक्ष को  अपने बीच में पाकर हर कोई खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था। ग्रामीणों ने उनसे सेना भर्ती खोलने की मांग की। ननिहाल में जनरल रावत ने भवन स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना भी की।

अपने ममेरे भाई से मिले थल सेनाध्यक्ष रावत
उत्तरकाशी। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का ननिहाल थाती गांव निवासी ठाकुर सूरत सिंह परमार के घर से हैं। सूरत सिंह तीन भाई थे। इनमें से ठाकुर किशन सिंह 60 के दशक में उत्तरकाशी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। सूरत सिंह के पांच बच्चे थे। इनमें पहले जयपाल परमार, दूसरी सुशीला देवी, तीसरे खुशपाल, चौथे वीरेंद्र पाल तथा पांचवें सत्यपाल हैं। शुक्रवार को रावत थाती गांव पहुंचे और अपने मामा खुशपाल के पुत्र नरेन्द्र से मिले। 

 
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