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Hindi News उत्तराखंडकेदारनाथ यात्रा में हेली सेवा और टैक्सी बुकिंग के नाम पर फिर ठगी, ठगों ने इस बार लगाया इतना चूना

केदारनाथ यात्रा में हेली सेवा और टैक्सी बुकिंग के नाम पर फिर ठगी, ठगों ने इस बार लगाया इतना चूना

चार लोगों के लिए 9500 रुपये ऑनलाइन भुगतान पर टैक्सी चालक का नंबर भी दिया गया था। वे 12 मई को ऋषिकेश पहुंचे। वहां जाने के बाद चालक का नंबर मिलाया तो वह बंद मिला। पुलिस जांच कर रही है।

केदारनाथ यात्रा में हेली सेवा और टैक्सी बुकिंग के नाम पर फिर ठगी, ठगों ने इस बार लगाया इतना चूना
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमSun, 26 May 2024 04:30 PM
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गर्मी की छुट्टियों में चार धाम यात्रा का लोगों में क्रेज बढ़ा है। केदारनाथ, बदरीनाथ, अमरनाथ अथवा ऐसे ही अन्य ठंडे धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग खूब हो रही है। इसे देखते हुए साइबर ठग और जालसाज भी सक्रिय हैं।

गाजीपुर कचहरी के पास रहने वाले सर्वेश वाराणसी के अपने साथियों के साथ केदारनाथ की यात्रा पर जाने वाले थे। उन्होंने बताया कि दो मई को दोस्तों ने ऑनलाइन बुकिंग टैक्सी सर्विस देखी। एक वेबसाइट के जरिये ऋषिकेश से केदारनाथ के निकट गौरीकुंड तक जाने के लिए शेयर टैक्सी ऑनलाइन बुक कराई।

चार लोगों के लिए 9500 रुपये ऑनलाइन भुगतान पर टैक्सी चालक का नंबर भी दिया गया था। वे 12 मई को ऋषिकेश पहुंचे। वहां जाने के बाद चालक का नंबर मिलाया तो वह बंद मिला। जिसके बाद किसी तरह बस से वे गौरीकुंड पहुंचे।

इसी तरह रेलवे से रिटायर संजीव श्रीवास्तव ने परिवार के साथ केदारनाथ का ट्रिप बनाया था। उन्होंने हेलीकॉप्टर सेवा के लिए ऑनलाइन खोज की। सस्ते दर पर सेवा बताकर छह-छह हजार रुपये के हिसाब से 24 हजार रुपये लिए गए। रुपये लेने के बाद अचानक संपर्क बंद हो गया। वह वेबसाइट भी नहीं दिख रही है। उन्हें इस साल अपनी यात्रा रद करनी पड़ी।

केदार यात्रा कंट्रोल के लिए सरकार कड़े नियम बनाए    
केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग ने कहा है कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए केदारनाथ यात्रा कंट्रोल के लिए कड़े नियम बनाने की जरूरत है। श्रद्धालु दूर-दूर से आते है किंतु उन्हें अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ता है। ऐसे ही हाल रहा तो आने वाले समय में यात्री नियंत्रित करना गंभीर समस्या बन जाएगी।

शनिवार को हिन्दुस्तान से फोन पर बातचीत में केदारनाथ यात्रा में आ रहे रिकार्ड यात्रियों को नियंत्रित और सुनियोजित यात्रा संचालन के लिए केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग ने शासन और बीकेटीसी को कई सुझाव दिए हैं।

रावल ने कहा कि स्थानीय हक-हकूधारियों और तीर्थपुरोहितों के सुझाव लेते हुए शासन को ठोस नियम बनाने की जरूरत है। ताकि केदारनाथ जैसी दुर्गम मार्ग की यात्रा का सफल और बेहतर संचालन किया जा सके।उन्होंने कहा कि केदारनाथ की यात्रा विषम भौगोलिक परिस्थितियों को झेलते हुए हिमालय की ऊंचाई वाली यात्रा है।

यहां ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है। सीमित व्यवस्थाएं है, इस लिहाज से आयु के हिसाब से भी मानक बनाने की जरूरत है। वयोवृद्ध और बच्चों को साथ लाने के लिए मानक तय किए जाने चाहिए।