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चारधाम रजिस्ट्रेशन के लिए सोशल मीडिया पर मिला नंबर, यात्रा रूट पर पहुंचने पर भक्तों को लगा झटका

मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों ने चारधाम पर सोशल मीडियो से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए नंबर ढूंढ कर निकाला था। लेकिन, उत्तराखंड के हरिद्वार पर पहुंचने जब उनके रजिस्ट्रेशन की जांच की गई तो फर्जी निकला।

चारधाम रजिस्ट्रेशन के लिए सोशल मीडिया पर मिला नंबर, यात्रा रूट पर पहुंचने पर भक्तों को लगा झटका
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमMon, 27 May 2024 12:56 PM
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चारधाम आफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद ठग भी एक्टिव हो गए हैं। चारधाम रजिस्ट्रेशन के नाम पर तीर्थ यात्रियों को फर्जी रजिस्ट्रेशन थमा रहे हैं। चिंता की बात है कि दूसरी प्रदेशों से उत्तराखंड चारधाम यात्रा रूट पर पहुंचने पर तीर्थ यात्रियों को फर्जीवाड़ा का पता चल रहा है। ऐसे में तीर्थ यात्रियों का पैसा और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं। 

मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों ने चारधाम पर सोशल मीडियो से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए नंबर ढूंढ कर निकाला था। लेकिन, उत्तराखंड के हरिद्वार पर पहुंचने जब उनके रजिस्ट्रेशन की जांच की गई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। पुलिस ने अब केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भक्तों से फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल है इसको लेकर जांच की जा रही है।

उमराव सिंह निवासी गांव सोनल थाना गौतमपुरा इंदौर मध्यप्रदेश ने तहरीर देकर बताया कि एक जत्था चार धाम यात्रा के लिए निकला था। यात्रा के लिए पंजीकरण करा रहे थे। इस बीच उन्हें सोशल मीडिया पर एक नंबर मिला था। जिससे उन्हें जानकारी मिली कि पूरे जत्थे का पंजीकरण कर दिया जाएगा।

जिसके बाद 38 लोगों के पंजीकरण किए जाने की बात तय हुई थी। सभी बातचीत तय होने पर उन्हें पीडीएफ से 38 लोगों के पंजीकरण का दस्तावेज भेजा गया था। दस्तावेज में बताया गया था कि पंजीकरण 22 मई से 28 मई तक है।

आरोप है कि जब वह यात्रा पर निकले और उत्तराखंड राज्य की सीमा नारसन चेक पोस्ट पर पहुंचे तो पुलिस ने पंजीकरण की जांच की। जहां पंजीकरण फर्जी निकला था। इंस्पेक्टर अमर चंद शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

31 मई तक बंद है ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री समेत चारों धामों में तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। एमपी, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों से भक्त भारी संख्या में चारधाम दर्शन को पहुंच रहे हैं। तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार पने 31 मई तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद किए हैं। 

यूपी, एमपी-राजस्थान आदि प्रदेश सरकार से अपील
उत्तराखंड सरकार ने यूपी, एमपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों की सरकार से अपील की है कि वह अपने-अपने प्रदेशों के नागरिकों को चारधाम पर जागरूक करें। अपील की गई है कि चारधाम यात्रा से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं। कहा गया है कि सरकारी वेबसाइट पर ही रेजिस्ट्रेशन करवाएं। 

तीर्थ यात्री ऐसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन 
बदरीनाथ, गंगोत्री, केदारनाथ समेत चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रद्धालु मोबाइल ऐप touristcareuttarakhand से भी पंजीकरण करा सकते हैं।

इसके अलावा पंजीकरण का एक और विकल्प व्हाट्सअप नंबर 8394833833 पर यात्रा टाइप कर पंजीकरण हो सकता है। टोल फ्री नंबर 01351364 नंबर पर भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है।

3000 तीर्थ यात्रियों का विशेष पंजीकरण
ऋषिकेश में तीन हजार यात्रियों का विशेष पंजीकरण किया गया। इससे जहां यात्रियों को राहत मिली। वहीं पंजीकरण के बाद ये यात्री चारधाम यात्रा के लिए रवाना होने लगे हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए रविवार भोर से ही यात्रियों की भीड़ चारधाम ट्रांजिट एवं पंजीकरण केंद्र में जुटनी शुरू हुई, जिसमें दोपहर तक करीब ढाई हजार यात्रियों का चारधाम के लिए पंजीकरण किया गया।

तीर्थदर्शन के लिए इजाजत मिलने पर मध्यप्रदेश, यूपी, बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों के चेहरों पर मुस्कान भी दिखी। अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि ट्रांजिट केंद्र में यात्रियों के लिए ठहरने और निशुल्क भोजन की व्यवस्था है।

प्रतिदिन सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसाद के तौर पर यात्रियों को भोजन कराया जा रहा है।  बताया कि कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने जरूरत पड़ने पर तीन हजार यात्रियों के रजिस्ट्रेशन करने की भी अनुमति दी है। यात्रियों के लिए ठहरने के लिए धर्मशालाओं में भी इंतजाम किए हैं।