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Hindi News उत्तराखंडचार धाम यात्रा: 24 घंटे में 4 की गई जान, 109 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, कहां कितनी मौतें?

चार धाम यात्रा: 24 घंटे में 4 की गई जान, 109 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, कहां कितनी मौतें?

बीते 24 घंटों के दौरान चार धाम यात्रा में चार तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या 109 हो गई है। इस रिपोर्ट में जानें कहां कितनी मौतें...

चार धाम यात्रा: 24 घंटे में 4 की गई जान, 109 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, कहां कितनी मौतें?
Krishna Singhहिन्दुस्तान टाइम्स,देहरादूनTue, 11 Jun 2024 06:39 PM
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Char Dham Yatra: बीते 24 घंटों के दौरान चार धाम यात्रा में चार तीर्थयात्रियों की मौत दर्ज की गई है। इसके साथ ही यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के कारण मरने वालों की संख्या 109 हो गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, चार धाम यात्रा मार्गों पर हुई 109 मौतों में से सबसे अधिक 54 मौतें केदारनाथ में दर्ज की गई हैं। इसके बाद बद्रीनाथ में 25, गंगोत्री में 8 और यमुनोत्री में 22 मौतें हुई हैं।

पिछले साल 245 तीर्थयात्रियों की मौत
पिछले साल चार धाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के कारण 245 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी। इनमें केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 120, बद्रीनाथ में 46, हेमकुंड साहिब में 9, गंगोत्री में 30 और यमुनोत्री में 39 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी।

पिछले साल कहां कितनी मौतें?
पिछले साल 22 अप्रैल से 11 जून तक कपाट खुलने के बाद से गंगोत्री और यमुनोत्री में दिल की बीमारियों एवं अन्य कारणों से 44 मौतें हुई हैं। पिछले साल इसी अवधि में केदारनाथ और बद्रीनाथ में 85 मौतें हुई थीं।

केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा मार्ग में ज्यादा मौतें
केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा मार्ग में मौतों की संख्या ज्यादा रही है। बताते हैं कि लोगों को केदारनाथ मंदिर तक 16 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है जबकि जान की चट्टी से यमुनोत्री धाम तक छह किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है।

बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी
इस साल बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। धाम में मृतकों की संख्या 25 तक पहुंच गई है। हालांकि तीर्थयात्री अपने वाहनों से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। हालांकि यात्रियों को यमुनोत्री और केदारनाथ मंदिरों की तुलना में एक किलोमीटर से भी कम पैदल चलना पड़ता है।

स्क्रीनिंग केंद्रों पर रिपोर्ट किए बिना निकलने वालों पर जोखिम
चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा कहते हैं कि 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग जो मधुमेह और हाई बीपी से पीड़ित होते हैं स्क्रीनिंग केंद्रों पर रिपोर्ट किए बिना चार धाम यात्रा पूरी करने की जल्दी में होते हैं। इससे उनकी मृत्यु हो जाती है। दिल्ली और ऋषिकेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए गौचर में जबकि कुमाऊं क्षेत्र से आने वाले तीर्थयात्रियों की स्क्रीनिंग गैरसैंण में की जा रही है। 

पर्याप्त आराम की सलाह
गुजरात के तीर्थयात्री हरि भाई बिलिमोरिया ने बताया कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ की यात्रा पूरी करने के बाद गौचर पहुंचने पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें मेडिकल स्क्रीनिंग कराने के लिए कहा। इससे कुछ तीर्थयात्री मेडिकल इतिहास के साथ स्क्रीनिंग कराने पर अड़े रहे, क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें बद्रीनाथ में दर्शन करने से रोक दिया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लोगों को रोका नहीं जा रहा है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे पर्याप्त आराम और उचित दवाएं लेने के बाद ही आगे बढ़ें।