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Hindi News उत्तराखंडचमोली करंट हादसे की यह है असली वजह‌? नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एसटीपी में खर्चा बचाने को 16 की हुई मौत

चमोली करंट हादसे की यह है असली वजह‌? नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एसटीपी में खर्चा बचाने को 16 की हुई मौत

चमोली करंट हादसा: नमामि गंगे प्रोजेक्ट में चमोली में जिस एसटीपी में करंट लगने से बड़ा हादसा हुआ था जिसमें 16 लोगों की जान गई थी, उसका पूरा ढांचा इंजीनियरों ने लोहे और टीन का खड़ा कर दिया।

चमोली करंट हादसे की यह है असली वजह‌? नमामि गंगे प्रोजेक्ट के एसटीपी में खर्चा बचाने को 16 की हुई मौत
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, रवि बीएस नेगीFri, 21 Jul 2023 11:29 AM
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चमोली करंट हादसा: नमामि गंगे प्रोजेक्ट में चमोली में जिस एसटीपी में करंट लगने से बड़ा हादसा हुआ था जिसमें 16 लोगों की जान गई थी, उसका पूरा ढांचा इंजीनियरों ने लोहे और टीन का खड़ा कर दिया। जबकि जिस जगह पर पूरा काम ही बिजली के उपकरणों का है, वहां विशेषज्ञों की नजर में लोहे और टीन से परहेज किया जाना चाहिए था।

टीन की बजाय ईंट की दीवारें खड़ी की जानी चाहिए थी। ऐसे में एसटीपी के पूरे डिजाइन और निर्माण पर ही सवाल उठ रहे हैं। एसटीपी निर्माण को 87 लाख का बजट नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत जल निगम को मिला। निर्माण का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को दिया गया, लेकिन डिजाइन और निर्माण की शर्तें जल निगम ने ही तय की।

मौके पर जल निगम ने एसटीपी का जो शेड तैयार किया है, उसकी छत से लेकर दीवारें तक टीन की हैं। इसी शेड की जो सीढ़ी और रेलिंग हैं, वो भी पूरी तरह लोहे की हैं। इसी लोहे की शेड से सटा कर बिजली की तारें गुजार दी गईं। इन बिजली की तारों को प्लास्टिक के पाइप का प्रोटेक्शन नहीं दिया गया।

यही बिजली की केबिल टीन की दीवारों से सटी हुई हैं। बरसात में इस स्थिति को जानकार खतरनाक बता रहे हैं। यूपीसीएल के निदेशक ऑपरेशन एमएल प्रसाद ने बताया कि बरसात में टीन से सट कर यदि केबिल गुजरती है, तो इससे करंट का खतरा बढ़ जाता है। अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि 87 लाख का बजट उपलब्ध होने के बावजूद क्यों टीन का शेड खड़ा किया गया।

जब एसटीपी परिसर में निर्माण में ईंट का इस्तेमाल नहीं हुआ, तो इतना बजट कहां खपाया गया। इसका जवाब अफसरों से देते नहीं बन रहा है। मौके पर यूपीसीएल के काम, टीन शेड, टैंक समेत सभी कार्यों को जोड़ कर कुल बजट से कम बताया जा रहा है।

जल निगम की टीम मौके पर पहुंच गई है। पूरे प्रकरण की जल निगम के स्तर पर भी पड़ताल की जा रही है। विद्युत यांत्रिक की टीम ने मौके पर जाकर तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। मौके पर हुए निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
एससी पंत, एमडी जल निगम

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