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केदारनाथ फिल्म का मामला सेंसर बोर्ड और सरकार देखे: हाईकोर्ट

केदारनाथ फिल्म

हाईकोर्ट ने केदारनाथ फ़िल्म के खिलाफ दायर जनहित याचिका निस्तारित कर दी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की संयुक्त खंडपीठ ने गुरुवार को मामले में सुनवाई की। देहरादून निवासी दर्शन भारती ने केदारनाथ फिल्म में हिन्दू धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

याचिका में कहा गया था कि फिल्म में केदारनाथ मंदिर परिसर में बोल्ड किसिंग सीन और लव जेहाद जैसे दृश्य फिल्माए गए हैं। संयुक्त पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आपत्तिजनक सीन का मामला सेंसर बोर्ड के अधिकार का है, वहीं शांति व्यवस्था सरकार या जिले में डीएम के जिम्मे है, ऐसी किसी परिस्थिति में सरकार अथवा उसके नुमाइंदा बतौर डीएम फैसला ले सकते हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की है कि जनता चाहे तो यह फिल्म न देखे। अदालत ने कहा कि याचिका दायर कर याची फिल्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश में इसके लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कमेटी को नियमानुसार इस पर निर्णय लेना चाहिए। इधर, कोर्ट के इस फैसले के बाद याचिकाकर्ता दर्शन भारती ने कहा कि उन्हें इससे निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार से इस फिल्म पर रोक की मांग की जाएगी। उच्चस्तरीय कमेटी से भी वह इस मामले में अनुरोध करेंगे। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।

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  • Web Title:Censor boards and government have to look on Kedarnath film case said Nainital High Court