ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंडकार-टैक्सी खराब हुई तो ‘बाबा’ के भरोसे यात्रा...पीएम मोदी के दर्शन के बाद भक्तजनों में आदि कैलास का क्रेज

कार-टैक्सी खराब हुई तो ‘बाबा’ के भरोसे यात्रा...पीएम मोदी के दर्शन के बाद भक्तजनों में आदि कैलास का क्रेज

गुंजी में भी बीआरओ, निर्माण कंपनी के अपने वाहन मैकेनिक हैं। पिछले डेढ़ माह में यहां यात्रा को आ रहे कई वाहनों के रास्ते में खराब हो जाने के बाद दूसरे वाहनों से टूचन कर आगे की यात्रा करनी पड़ी।

कार-टैक्सी खराब हुई तो ‘बाबा’ के भरोसे यात्रा...पीएम मोदी के दर्शन के बाद भक्तजनों में आदि कैलास का क्रेज
Himanshu Kumar Lallपिथौरागढ़। हिन्दुस्तानWed, 19 Jun 2024 05:54 PM
ऐप पर पढ़ें

आदि कैलास के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालु तवाघाट-गुंजी-ज्योलिगकांग सड़क पर भगवान के भरोसे ही घर लौट रहे हैं। इस मार्ग की बेहद खस्ताहाल और कई किमी खड़ी चढ़ाई के बावजूद कई जगह वाहनों के जवाब दे जाने के बावजूद उन्हें ठीक करने के लिए मैकेनिक का मिलना मुश्किल है।

अधिकांश स्थानों में संचार की सुविधा नहीं होने कारण भी इस तरह की स्थिति में यात्रियों के लिए मैकिनिक से संपर्क करना तक कठिन हो जाता है।ऐसे में वे अपना वाहन रास्ते ही छोड़कर भगवान के भरोसे आगे की यात्रा पर निकलना ही उचित समझते हैं।

तवघाट गुंजी ज्योलिगकांग सड़क पर रोज करीब पिछले 38 दिनों से औसत 350 से अधिक वाहनों से एक हजार से अधिक लोग रोज आवाजाही कर रहे हैं। इस सड़क की स्थिति बहुत खराब है। पूरी यात्रा के दौरा गुंजी को छोड़कर कहीं भी वाहन खराब हो जाएं तो उसे ठीक करने के लिए 100 किमी से अधिक की यात्रा के दौरान मैकेनिक का प्रबंध करना बेहद कठिन है।

गुंजी में भी बीआरओ, निर्माण कंपनी के अपने वाहन मैकेनिक हैं। पिछले डेढ़ माह में यहां यात्रा को आ रहे कई वाहनों के रास्ते में खराब हो जाने के बाद लोगों को दूसरे वाहनों से टूचन कर आगे की यात्रा करनी पड़ी है।

एसएसबी निभा रही मित्रता, आईटीबीपी-सेना भी मददगार : आदि कैलास जा रहे यात्रियों की राह में एसएसबी सबसे बडी मददगार साबित हो रही है। तवाघाट से आगे बढ़ने के बाद रास्ते में एसएसबी की कई चौकियां हैं। रास्ते में यात्रियों के वाहन खराब हो जाने पर एसएसबी के जवान उदारता से न केवल लोगों के वाहन ठीक करने में मदद कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों की भोजन और रहने की व्यवस्था भी कर रहे हैं।

दिल्ली से आए यात्री जितेन्द्र ने बताया कि पिछले दिनों आदि कैलास की यात्रा के दौरान उनका वाहन छियालेख से आगे पहुंचते ही उतराई में जवाब दे गया। गर्ब्यांग एसएसबी चौकी प्रभारी ने उनका काफी सहयोग किया। वाहन ठीक कराया, रात में रुकने की व्यवस्था कराई।

किसी दूसरे वाहन से उन्होंने यात्रा की। तीन दिन बाद भी मैकेनिक नहीं मिला। मुंबई के हर्षित पटेल ने कहा कि यात्रा मार्ग में उनका भी वाहन खराब हो गया था आईटीबीपी, सेना के जवानों ने उनकी मदद की, तब उनकी यात्रा पूरी हो पाई।