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निकाय चुनाव: त्योहारी खुमारी के बाद अब जोर पकड़ेगा ‘प्रचार’

दिवाली का खुमार उतारने के बाद अब निकाय चुनाव की लड़ाई तेज हो गई है। इसके मतदान में अब दस दिन से कम समय बचे है। ऐसे में भाजपा-कांग्रेस के स्टार प्रचारक अब सीधे मोर्चा संभालने जा रहे हैं। कांग्रेस ने तो भाजपा के प्रांतीय मुख्यालय में महिला कार्यकर्ता से अत्याचार के आरोप के बहाने बिगुल बजा भी दिया है।
राज्य के 84 शहरी निकायों के लिए 18 नवंबर को मतदान है। इसके लिए चुनाव प्रचार 16 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। प्रचार के लिए अब करीब एक सप्ताह का समय बचता है। राजनैतिक दलों के प्रमुख नेताओं से लेकर पब्लिक तक फेस्टिव मूड से बाहर निकल चुके हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में अब असल तेजी आएगी।  भाजपा 46 स्टार प्रचारों की लिस्ट जारी कर चुकी है। पार्टी बड़े निकायों में जीत की जिम्मेदारी मंत्रियों को सौंप चुकी है। मंत्रियों के लिए भी निकाय चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में भाजपा प्रचार के हर मोर्चे पर विपक्ष को पछाड़ने के लिए रणनीति बना चुकी है। इधर, कांग्रेस भी निकाय चुनाव के लिए 48 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर चुकी है। पार्टी का खास जोर नगर  निगमों में जीत दर्ज करने पर है। इसके लिए पार्टी ने बड़े नेताओं की भी ड्यूटी लगाई है। कांग्रेस ने निकाय चुनाव के बीच में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में महिला कार्यकर्ता के साथ अभद्रता के मामले को भी चुनावी मुद्दे के रूप में लपक लिया। इसके लिए पार्टी दिवाली के ठीक अगले ही दिन सड़कों पर उतर आई। कांग्रेस, केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के मौजूद भाजपा शासनकाल के खिलाफ आक्रामक अभियान छेड़ने जा रही है। कांग्रेस के अलावा देहरादून में मेयर पद की प्रत्याशी रजनी रावत को भी उनके प्रचार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आने की उम्मीद है। निकायों में बड़े दमखम से लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी भी अब अंतिम समय में जोर आजमाईश तेज करने जा रहे हैं।   

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  • Web Title:campaigning for municipal election to gain pace after festival season overs