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29 मार्च, 2021|11:49|IST

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बजट सत्र:विपक्षों के सवालों की गेंदों पर चकराए कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और सतपाल महाराज

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के पहले प्रश्नकाल में सरकार के ओपनिंग बैट्समैन में रूप विधानसभा की पिच पर उतरे काबीना मंत्री हरक सिंह रावत और सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज विपक्ष की गुगली और कभी तेज गेंदबाजी में कई बार उलझे। विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी बीच बीच में अनुपूरक के रूप में सवाल दागते हुए अपने मंत्रियों की मुश्किल को बढ़ाए रखा। पहला सवाल मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन का था।  निजाम ने पूछा क्या सरकार ने राज्य के लिए भी कोई पर्यावरण नीति बनाई है‌? पर्यावरण नीति पर जवाब देने के बजाए हर पूर्व की व्यवस्थाओं का ब्योरा रखना शुरू कर दिया।

बीच में यह भी कह दिया कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगो को बंद तो नहीं कर सकते, पर हमारी सरकार ने सख्ती बरतते हुए मानकों को पूरी तरह से लागू कराया है। इसी बीच खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन भी उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मेरे क्षेत्र में ईट भट्टों की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। क्या एयर मॉनिटरिंग उपकरण मेरे यहां भी लगाए जाएंगे ? इसके बाद नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्दयेश ने तंज कसा कि आपने नया जलवायु मंत्रालय बना लिया, निदेशालय बना लिया, पर क्या कोई अलार्मिंग सिस्टम भी बनाया‌ ?

चमोली में आपदा में इतने लोग मारे गए। ऐसे मंत्रालय का क्या करना जो किसी की जान न बचा सके। इस हरक ने कहा कि इंदिरा जी का सवाल पर्यावरण से संबंधित नहीं है और बैठ गए। विस अध्यक्ष को अगले सवाल की ओर बढ़ते देख काजी ने कहा, मेरा तो सवाल ही रह गया ? फिर बारी थी सिंचाई मंत्री महाराज की। उन्हें प्रीतम सिंह, विनेाद चमोली, केदार सिंह रावत, राजकुमार, धन सिंह नेगी, प्रीतम सिंह पंवार, राम सिंह कैड़ा ने लगातार सवाल दागे। प्रीतम और प्रीतम पंवार ने उन्हें सवालों में उलझाया तो महाराज ने हर बार की तरह कहा कि, आपको अलग से सूचना भेज दी जाएगी।

कौशिक करते रहे मदद
प्रश्नकाल में मंत्रियों को विपक्ष के सवालों में फंसते हुए संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य और सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की सहायता करते रहे। महाराज के पास जाकर उन्होंने जानकारियां साझा की।

बजट सत्र झलकियां: अध्यक्ष जी मेरे ड्राइवर को आठ महीने से तनख्वाह न मिली
महंगाई पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि महंगाई आसमान छू रही है और सरकार कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही है। अरे दूर कहां जाना, मेरे ड्राईवर को भी पिछले आठ महीने से तनख्वाह नहीं मिली। मैने वित्त सचिव से पूछा तो कहा जा रहा है कि वो पीआरडी से है। इसलिए विलंब हो गया होगा। सरकारी और आउटसोर्स कर्मचारी परेशान हैं कि बिना वेतन के महंगाई से कैसे जूझे?

सदन में गूंजा उपनल का मुद्दा भी
महंगाई पर चर्चा के दौरान उपनल और रोडवेज कर्मचारियों का मूद्दा भी उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा ह्दयेश ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला। जो मिला है वो भी आधा आधा कर दिया जा रहा है। इसी प्रकार आज उपनल कर्मचारी भी आंदोलन कर रहे हैं। वे अपने भविष्य को लेकर आंशकित है। उन्हे भी वेतन नहीं मिल रहा है और उनकी सेवाए भी सुरक्षित नहीं है। सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा।

विस अध्यक्ष बोले, मंत्री जी विपक्ष को चिढ़ृाइये नहीं
महंगाई पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक पाकिस्तान का मुद्दे पर सवाल उठाने और कांग्रेस शासित राज्यों के महंगाईे आंकड़े पेश करने का कांग्रेस ने कड़ा विरेाध किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि कौशिक जानबूझकर चिढ़ाने का काम कर रहे हैं। हम उत्तराखंड की बात कर रहे हैं और ये जानबूझ कर कांग्रेस शासित राज्यों का उल्लेख कर रहे हैं। विधायक दल के उपनेता ने कई बार कहा कि कौशिक जी मुद्दे की बात का जवाब देने के बजाए चिढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार यह बात आने पर विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुस्कुराते हुए कौशिक को कहा, मंत्री जी आप विपक्ष को मत चिढ़ाईये।

कौशिक जी, हमें दबाने की कोशिश न करे
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह एक बार संसदीय कार्यमंत्री पर बरस ही पड़े। संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के मंदिरों के सौंदर्यीकरण योजना पर कौशिक को महाराज की सहायता करते देख प्रीतम ने कहा कि आप हमारी आवाज दबाने की कोशिश न करें। हम कोई दबने वाले नहीं है। आज जो कहोंगे क्या हम वही मान लेंगे? जो सरकार कह या मंत्री पढ़ दे तो क्या वहीं सही है?

घसियारी का जिक्र कर रो पड़े धर्मपुर विधायक विनेाद चमोली
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते वक्त घसियारी योजना का उल्लेख करते हुए धर्मपुर विधायक विनोद चमोली का गला भर आया। आंसु भरी आंखें और रुंधे गले से उन्होंने कहा कि यह मेरी मां की व्यवस्था है। गांवों में घास के लिए महिलाओं का कितना संघर्ष करना पड़ता है। आज हमारी सरकार ने पहाड़ की महिलाओं की इस बड़ृी पीड़ा को गंभीरता से महसूस किया।

पहले पानी लाइये फिर नल लगाइये: प्रीतम सिंह पंवार
राज्यपाल के अभिभाषण पर विचार रखते हुए निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कुछ कमियों की ओर भी ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर घर नल से जल योजना शुरू की गई है। लेकिन पहले कोशिश यह होनी चाहिए थी कि स्रोतों में पानी हो। घर में नल का क्या फायदा जब पानी ही न आए।

कुछ लोग फैलाना चाहते हैं अस्थिरताःसीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
गैरसैंण। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नंदप्रयाग-घाट सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर किए प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने जानबूझकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश की है। मंगलवार को गैरसैंण में मीडिया से बातचीत में सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि दिवालीखाल में कल हुई घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। इस प्रकरण में जो भी दोषी हैं उसका संज्ञान लिया जाएगा। यदि कोई निर्दोष है, तो उस पर कोई कारवाई नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी ब्लाक मुख्यालयों पर जिन पर ट्रैफिक कम है, उनको डेढ़ लेन से जोड़ने एवं अधिक ट्रैफिक वाले जनपदों को डबल लेन से जोड़ने की घोषणा पिछले माह अल्मोड़ा में कर चुकी है। चमोली जिले के भ्रमण के दौरान भी यह बात वे कर चुके थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं एवं भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उधर, राज्यमंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों के आंदोलन में कुछ अन्य लोग भी घुस आए थे। वे भी पहले तीन-चार बार स्वयं आंदोलनकारियों से बातचीत कर चुके थे।

त्रिवेंद्र ने विधायक मनोज को दी सांत्वना
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने केदारनाथ विधायक मनोज रावत के गोपेश्वर स्थित आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिजनों का ढांढस बंधाया। विदित है कि कांग्रेस विधायक मनोज रावत के पिता फकीर सिंह रावत का बीती 27 फरवरी को आकस्मिक निधन हो गया था।

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  • Web Title:cabinet minister harak singh rawat satpal maharaj unable to answer questions during question hour in vidhan sabha budget session 2021 gairsain