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Hindi News उत्तराखंड56 करोड़ से बने बाइपास का उद्घाटन, तीन महीने बाद भी नहीं चलीं गाड़ियां; देरी की क्या वजह?

56 करोड़ से बने बाइपास का उद्घाटन, तीन महीने बाद भी नहीं चलीं गाड़ियां; देरी की क्या वजह?

रामनगर रोड पर आरओबी का निर्माण चल रहा है। ऐसे में रामनगर की ओर जाने वाले और रामनगर से काशीपुर आने वाले यातायात को डायवर्ट करने के लिए द्रोण माइनर पर बाइपास के लिए राशि स्वीकृत की गई है।

56 करोड़ से बने बाइपास का उद्घाटन, तीन महीने बाद भी नहीं चलीं गाड़ियां; देरी की क्या वजह?
Himanshu Kumar Lallकाशीपुर, हिन्दुस्तानTue, 21 May 2024 03:57 PM
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लंबी कवायद के बाद काशीपुर में करीब 56 करोड़ की लागत से द्रोण और लक्ष्मीपुर माइनरों पर बहुप्रतीक्षित बाइपास के निर्माण कार्यों का उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन पोल शिफ्टिंग नहीं होने से तीन माह बाद भी ये दोनों पर काम गति नहीं पकड़ सका है।

पोल शिफ्टिंग के लिए ऊर्जा निगम को 4.21 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त भी की जा चुकी है। इन माइनरों के बीचों-बीच रोड में खड़े पोल और ट्रांसफार्मर कब तक शिफ्ट होंगे, इसे लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं है।

काशीपुर में इस समय रामनगर रोड पर आरओबी का निर्माण चल रहा है। ऐसे में रामनगर की ओर जाने वाले और रामनगर से काशीपुर आने वाले यातायात को डायवर्ट करने के लिए द्रोण माइनर पर बाइपास के लिए राशि स्वीकृत की गई है।

यह बाइपास रामनगर रोड पर विश्वकर्मा पेपर मिल के पास से शुरू होकर सीधे रुद्रपुर मार्ग पर द्रोणासागर के पास खत्म होगा। 3.02 किमी के इस बाइपास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 28 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है।

कमोवेश इतनी ही लागत से लक्ष्मीपुर माइनर का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ है। यह बाइपास दुर्गाकालोनी से शुरू होकर होटल कार्बेट के पास मुरादाबाद रोड से जुड़ेगा। दोनों बाइपास पर 400 से अधिक विद्युत पोल, कई ट्रांसफार्मर, बीएसएनएल के खंभे और पेयजल की लाइनें हैं।

द्रोण बाइपास पर पोल शिफ्ट करने के लिए ऊर्जा निगम को 1.87 करोड़ रुपये और लक्ष्मीपुर बाइपास पर पोल शिफ्टिंग के लिए 2.38 करोड़ रुपये की राशि दे दी गई है। टेंडर के बाद 14 फरवरी, 2024 को भूमि पूजन के बाद दोनों बाइपास के कार्य का उद्घाटन हुआ।

लेकिन तीन माह बाद भी उर्जा निगम पोल शिफ्टिंग का काम शुरू नहीं कर सका है। फिलहाल बाइपास के दोनों ओर नालों का निर्माण कराया जा रहा है। पोल शिफ्ट नहीं हो पाने के कारण सड़क का काम शुरू नहीं हो सका है।

द्रोण माइनर बाइपास पर 1.87 करोड़ और लक्ष्मीपुर बाईपास पर 2.38 करोड़ की लागत से पोल शिफ्टिंग का कार्य होना है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर स्वीकृत हो जाएगा। इस कार्य में छह माह से अधिक का समय लग सकता है।
अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम, काशीपुर।