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Lok Sabha Election Result 2019 : भाजपा, कांग्रेस से हुई दो गुना मजबूत

2019 का लोकसभा चुनाव उत्तराखंड में भाजपा को निर्णायक बढ़त दिलाने के लिए भी याद किया जाएगा। जबरदस्त मोदी लहर और बारीकी से बुने गए बूथ प्रबंधन के दम पर भाजपा अपने कुल मत प्रतिशत को अभूतपूर्व 61 प्रतिशत के पार ले जाने में कामयाब रही है। जो कि कांग्रेस को इस चुनाव में मिले मत प्रतिशत से करीब दो गुना है। इस अंतर को पाटना कांग्रेस के लिए खासा मुश्किल होने जा रहा है।  भाजपा को अंतिम मायूसी 2012 के विधानसभा चुनाव में मिली थी, तब कांग्रेस से मुकाबिल पार्टी आधा प्रतिशत से कम मतों के अंतर के चलते प्रदेश में सरकार बनाने से चूक गई थी। लेकिन इसके बाद हुए सभी चुनावों में पार्टी कांग्रेस पर निर्णायक बढ़त बनाकर, जीत दर्ज करती जा रही है। खास बात यह है कि लोकसभा चुनावों में यह अंतर कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस के बीच मत प्रतिशत का अंतर 21 फीसदी के करीब था, जबकि इस बार यह अंतर करीब 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गुरुवार को सामने आए परिणाम के मुताबिक भाजपा को प्रदेश में 61.01 प्रतिशत मत मिले, जबकि कांग्रेस को इसके आधे करीब 31.4 प्रतिशत मत मिले। जो बीते चार चुनावों में सबसे कम है। खास बात यह है कि भाजपा ने खुद के लिए इस बार 60 फीसदी मत प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था, जो पार्टी ने बड़े आत्मविश्वास के साथ हासिल कर लिया है। 
 
यूं बढ़ा भाजपा का ग्राफ 
2
012 (विधानसभा) - 33.13
2014 (लोकसभा)- 55.93
2017  (विधानसभा)- 46.50
2019 (लोकसभा) - 61.01

कांग्रेस
2012 (विधानसभा) - 33.79
2014 (लोकसभा)- 34.40
2017  (विधानसभा)- 33.50
2019 (लोकसभा) - 31.04


भाजपा की जीत को सिर्फ लहर कहना ठीक नहीं 
लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली शानदार जीत को सिर्फ लहर कह कर खारिज करना आधा सच छुपाना जैसा होगा। कारण भाजपा बीते एक दशक से लोकसभा, विधानसभा के साथ ही स्थानीय निकाय के चुनावों में भी लगातार अपना वोट बैंक बढ़ाती जा रही है। जबकि इसके मुकाबले कांग्रेस का वोट बैंक बड़े चुनाव से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव तक लगभग स्थिर ही बना हुआ है। नवंबर 2018 में आयोजित निकाय चुनावों में भाजपा सर्वाधिक 34 निकायों के साथ कुल 40 फीसदी निकायों में जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी। 2013 के निकाय चुनाव में भाजपा को 31 फीसदी निकाय और 2008 के चुनाव में 30 फीसदी निकायों में सफलता मिली थी। इस तरह प्रदेश के स्थानीय निकायों में भी भाजपा की जीत का ग्राफ बीते तीन चुनावों में दस फीसदी बढ़ा है। भाजपा की इस जीत में साल दर साल मजबूत होते जमीनी नेटवर्क का अहम योगदान है। अब तो पन्ना प्रमुख जैसे अभिनव प्रयोगों के जरिए भाजपा ने इसे अचूक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस का वोट बैंक स्थानीय निकाय के चुनावों में भी लोकसभा, विधानसभा के आस पास ही बना रहता है। बीते नवंबर में आयोजित स्थानीय निकाय के चुनावों में कांग्रेस ने 25 निकायों के साथ 30 फीसदी निकायों में सफलता प्राप्त की है। 2013 के चुनाव में कांग्रेस को 29 फीसदी और 2008 के चुनाव में उसे 28 फीसदी निकायों में कामयाबी मिली थी। इस तरह कांग्रेस की सफलता की दर लगातार तीस प्रतिशत के आस पास टिकी हुई है। 

2019 लोकसभा चुनावों में मत प्रतिशत की अंतिम स्थिति
भाजपा - 61.01
कांग्रेस - 31.04
बसपा - 4.48
सीपीएम - .14
नोटा - 1.05
अन्य - 1.92

 

 
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  • Web Title:bjp becomes two times stronger than congress after lok sabha election 2019 in uttarakhand