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भारत बंद:27 को कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर उत्तराखंड पुलिस का प्लान, क्या खुलेंगी दुकान? 

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu Kumar Lall
Sun, 26 Sep 2021 05:16 PM
भारत बंद:27 को कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर उत्तराखंड पुलिस का प्लान, क्या खुलेंगी दुकान? 

डीजीपी अशोक कुमार ने सभी जिला प्रभारियों को 27 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। डीजीपी ने सभी जनपद प्रभारी लोगों से सम्पर्क बंद को शांतिपूर्वक रखने की अपील करें। यदि कोई बंद के दौरान जबरदस्ती करे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी जिलाधिकारी के साथ मिलकर, सेक्टर मजिस्ट्रिेट भी नियुक्त करवा लें। डीजीपी ने सोशल मीडिया पर अफवाह उठाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

रुद्रपुर में सोमवार को बाजार पूरी तरीके से बंद रहेगा। व्यापरियों ने भी पूरा समर्थन दिया है। वहीं गल्ला मंडी में आयोजित किसानों की बैठक में पूर्ण बाजार बंद का निर्णय लिया है। किसान नेताओं ने कहा कि अगर कल कोई दुकान खुली होगी तो किसान उस दुकानदार से कभी सामान आदि नहीं खरीदेंगे। इसके अलावा अगर किसी दुकान में किसान सामान खरीददारी करता हुआ दिखेगा तो किसान व दुकानदार का फोटो खींचकर वायरल करेंगे और विरोध करेंगे।

भारत बंद के लिए दुकानदारों से जनसंपर्क किया
मंगलौर। तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन चला रहे संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज 27 सितंबर भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने नगर के बाजार में पहुंचकर दुकानदारों से बंद को सफल बनाने के लिए समर्थन मांगा तथा जनसंपर्क कर किसानों का साथ दिए जाने की अपील की।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों का किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसके लिए लगातार आंदोलन भी चल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा घोषणा की गई थी कि 27 मार्च को भारत बंद कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। रविवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव चौधरी रवि कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर के बाजार में पहुंचकर दुकानदारों से संपर्क किया तथा उनसे 27 सितंबर सोमवार को अपने प्रतिष्ठान संपूर्ण रूप से बंद रखने की अपील की।

किसान नेता चौधरी रवि कुमार ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसान की नहीं है बल्कि हर आम आदमी की लड़ाई है। इस लड़ाई में केवल किसान का हित नहीं है बल्कि देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का हित है। उनका कहना था कि यदि इन कानूनों को सरकार वापस नहीं लेती तो आने वाला समय बहुत ही भयावह होगा जिसमें आम आदमी के साथ-साथ दुकानदार भी प्रभावित होंगे। इस अवसर पर रमेश प्रधान, जावेद अली, धर्मेंद्र चौधरी, देवेंद्र, महेंद्र पाल, सहेंद्र पाल, लाला, ऋषि पाल, अंकित, सनावर, गुलजार, सुमित, राजीव, रमेश कुमार आदि भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

वहीं दूसरी ओर, संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में कृषि कानून के खिलाफ 27 सितम्बर को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए रणनीति तय की गयी। किसानों ने सफलता के लिए जिम्मेदारी तय की। किसानों की बैठक में पहुंचे प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव गुप्ता, महामंत्री मनीष किनरा ने बंद को समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा कि व्यापारी किसानों के आह्वान पर बाजार बंद रखेंगे।

तीन कृषि कानूनों को रद करने, एमएसपी की गारंटी देने की मांग की मांग को लेकर किसान एक वर्ष से आंदोलनरत है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितम्बर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। शनिवार को मण्डी परिसर में किसानों ने विभिन्न राजनैतिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक की।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरपाल सिंह, कांग्रेस नेत्री मालती विश्वास ने बंद का समर्थन किया। वहीं पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवन भट्ट व राजेश शैली ने कहा कि प्रदेश व जिला स्तर के निर्णय के आधार पर सितारगंज इकाई भी बंद पर अपना निर्णय करेगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मिलने की स्थिति में निजी स्कूल संचालक बसों का संचालन करेंगे।

यहां भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के  ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह, सुखवंत सिंह, दिलबाग सिंह, जगदेव सिंह, शाकिर अली, जसवंत सिंह जस्सा, हरभजन सिंह, शमशेर सिंह, रणधीर बल, हरजिंदर सिंह मौजूद रहे। इधर पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने किसानों के आह्वान पर भारत बंद को समर्थन दिया।

 

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