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Hindi News उत्तराखंडमॉनसून के साथ डेंगू को लेकर रहें सावधान, देहरादून में इन 34 इलाकों में ज्यादा खतरा; ये हैं लक्षण

मॉनसून के साथ डेंगू को लेकर रहें सावधान, देहरादून में इन 34 इलाकों में ज्यादा खतरा; ये हैं लक्षण

नगर निगम के माध्यम से फॉगिंग कराई जा रही है। इन इलाकों पर इस बार विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके लिए करीब 250 आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई है। सोमवार से पूरे शहर में निगरानी का काम शुरू होगा।

मॉनसून के साथ डेंगू को लेकर रहें सावधान, देहरादून में इन 34 इलाकों में ज्यादा खतरा; ये हैं लक्षण
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, चांद मोहम्मदSun, 23 Jun 2024 10:19 AM
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उत्तराखंड में मॉनसून की आहट के साथ दून में डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम के सौ वार्डों के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। डेंगू की रोकथाम के लिए अफसरों को जिम्मेदारी देकर जवाबदेही भी तय की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 34 इलाकों को हॉट-स्पॉट श्रेणी में रखा है। यह वे इलाके हैं, जहां एक जुलाई से 31 दिसंबर 2023 तक पांच या पांच से ज्यादा मामले सामने आए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत के मुताबिक, इन सभी इलाकों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष अगस्टीन, एनवीबीडी सलाहकार मनीषा बिष्ट और लैब तकनीशियन आशीष किमोठी की टीम इन इलाकों की निगरानी कर रही है।

नगर निगम के माध्यम से फॉगिंग कराई जा रही है। इन इलाकों पर इस बार विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके लिए करीब 250 आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई है। सोमवार से पूरे शहर में निगरानी का काम शुरू होगा।

हर वार्ड में जिलास्तरीय अफसर होगा डीएम सोनिका एवं सीएमओ डॉ. संजय जैन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की टीमें विशेष अभियान शुरू करने जा रही हैं। 100 वार्डों में हर विभाग से एक जिलास्तरीय अफसर को शामिल करके निगरानी टीम बनाई जाएगी। जिला प्रशासन के स्तर पर इसकी कसरत शुरू कर दी गई है।

डेंगू के लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू वाले मरीज में कई प्रकार के लक्षण सामने आते हैं, जिसमें मांसपेशी और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, बुखार, आंखों में दर्द, चक्कर आना और उल्टी आने जैसा महसूस होना लक्षण भी शामिल है।

आपदा प्रबंधन ब्लॉकवार बनेगा गर्भवतियों का डाटा
सरकार ने मानसून सीजन के दौरान कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। मानसून के दौरान गर्भवतियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

शनिवार को अपर सचिव-आपदा प्रबंधन आनंद स्वरूप ने आईटी पार्क स्थित यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में समीक्षा बैठक की। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने हरिद्वार से जल्द कार्ययोजना तथा एसओपी साझा करने को कहा। सभी जिलों में जेसीबी में जीपीएस लगाने के निर्देश भी दिए।

स्वरूप ने अफसरों को कहा कि सभी जिले पंचायत, ब्लॉक, तहसील स्तर पर गर्भवती महिलाओं का डाटाबेस तैयार करें, ताकि आपदा के समय संपर्क कट जाने पर आवश्यकता अनुसार उपचार के लिए महिलाओं को अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा। एसीईओ राजकुमार नेगी ने नदी किनारे कैंपिंग साइटों का सुरक्षा ऑडिट कराने को कहा।

राजधानी में यह क्षेत्र चिन्हित किए गए
बलबीर रोड, गांधीग्राम, जाखन, कांवली, वसंत विहार, तपोवन, सेलाकुई, शिमला बाईपास, शहरी क्षेत्र, डोईवाला, डालनवाला, भंडारी बाग, नेशविला रोड, कैनाल रोड, वाणी विहार, सिंघल मंडी, सरस्वती विहार, इंदिरा कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, लक्खीबाग, विकासनगर, केदापुरम, राजपुर रोड, बड़ोवाला, चुक्खूवाला, क्लेमनटाउन, अजबपुर, मोथरोवाला, माजरा, जीएमएस रोड, बंजारावाला, निरंजनपुर, रेसकोर्स और धर्मपुर

पांच इलाकों को रेड जोन में रखा गया
देहरादून में पिछले साल जिन क्षेत्रों में डेंगू के 25 से ज्यादा केस सामने आए थे, उनको इस बार रेड जोन में रखा गया है। इन इलाकों में धर्मपुर, रेसकोर्स, बंजारावाला, जीएमएस रोड और माजरा शामिल हैं।

स्कूलों के लिए भी जल्द जारी होंगे दिशा-निर्देश
डीएसओ डॉ. सीएस रावत के अनुसार, सप्ताह में दो बार कूलर-फ्रीज, गमलों के साथ घर के पास जमा पानी हटाने के मूलमंत्र से काम किया जाएगा। स्कूलों के लिए भी दिशा निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

डेंगू से बचने के उपाय
घर के आसपास या घर के अंदर भी पानी जमा नहीं होने दें। गमले, कूलर और टायर में पानी जमा न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। साफ सफाई भी जरूरी है। साथ ही, पानी की टंकियों को खुला न छोड़ें। फुल स्लीव कपड़े पहनें। बच्चों को मच्छर से बचाने वाली क्रीम लगाकर ही बाहर भेजें। लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लें। डेंगू होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। हल्का-सादा खाना खाएं।
(फिजिशियन डॉ. कुमारजी कौल और डॉ. जयति डबराल के मुताबिक)