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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडतो क्या हाथियों ने अब उत्तराखंड में इंसानों पर हमला करना किया बंद?

तो क्या हाथियों ने अब उत्तराखंड में इंसानों पर हमला करना किया बंद?

रामनगर। राजू वर्मा Himanshu Kumar Lall
Mon, 29 Nov 2021 04:22 PM
तो क्या हाथियों ने अब उत्तराखंड में इंसानों पर हमला करना किया बंद?

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इस साल भारी बारिश से कॉर्बेट के जंगल में हरियाली बढ़ गई है। खास बात यह है कि कॉर्बेट की जैव विधिता बेहतर होने से हर साल आतंक का पर्याय बनने वाले हाथी के हमले बंद हो गए हैं। एनएच 309 पर हाथी ने कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए थे और एक शिक्षक को भी हाथी ने मार दिया था। हाथियों के हमले नहीं होने से पार्क से सटे लोग व पर्यटक राहत की सांस ले रहे हैं। उत्तराखंड के जंगल में सबसे अधिक हाथी कॉर्बेट में 1225 पाए जाते हैं।

पार्क के 1288 वर्ग किलो मीटर के दायरे में कई ग्रांसलैंड, घना जंगल नदी, नाले करीब 98 वाटर हाल, जल स्रोत आदि हैं। हाथियों का झुंड भोजन व पानी के लिए इन पर ही निर्भर रहता है। भोजन की कमी होती है तो हाथी गुस्सेला हो जाता है। कॉर्बेट से सटे हाईवे 309 व सावल्दे रोड पर कई बार हाथी पर्यटकों पर हमला कर चुका है।  अधिकारियों की माने तो हाईवे 309 पर ही हाथी पिछले पांच सालों में 40 से अधिक बार हमला कर चुका है। पार्क के अंदर भी गश्त कर्मचारियों को हाथियों ने मार दिया था।  

साल 2021 में बरसात अन्य साल की तुलना में अधिक हुई है। पार्क के वाटर होल, जल स्रोत आदि रिचार्ज हो गए हैं। नदियों में भी पानी की कमी नहीं है। ग्रांसलैंड में घास अच्छी होने से हाथियों को भोजन की तलाश में दूर जाना नहीं पड़ रहा है। बताया कि कई दिनों बाद उन्होंने रिंगोड़ा के पास हाथी देखे हैं। 18 व 19 अक्तूबर को हुई भारी बारिश का भी कॉर्बेट के जंगल को फायदा
 मिला है। 

ये है हाथी का मुख्य भोज
वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो हाथी एक दिन में 70 से सौ लीटर तक पानी पीता है। घास के साथ ही रोहिनी पेड़ के पत्ते खाना पसंद करता है। कॉर्बेट में हाथियों के लिए भरपूर खाना है। पानी मिलने से हाथियों के झुंड जंगल के बाहर नहीं आ रहे।  

6 साल के आंकड़े 
साल    घटनाएं

2016    15
2017    10
2018    09
2019    20
2020    12
2021    02 नोट- हाथियों के हमले की ये आंकड़े कॉर्बेट व आसपास के हैं। 

कॉर्बेट का प्रबंधन अन्य पार्कों से कई गुना बेहतर है। हाथियों के पानी के लिए वोटर हाल्स आदि का निर्माण किया गया है। घना जंगल होने से हाथी को भोजन भी आसानी से मिल रहा है। बीते दिनों हुई बारिश से वाटर हाल, जल स्रोत व नदियां रिचार्ज हो गई है। 
राहुल निदेशक, कॉर्बेट

 

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