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ब्लाउज, सलवार से लिपिस्टिक-बिंदी तक; मरने से पहले एक अफसर क्यों बन गया औरत

उत्तराखंड के पंतनगर में एयरपोर्ट एयर ट्रैफिक कंट्रोल टीम में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर आशीष चौंसाली ने रविवार रात संदिग्ध हालात में आत्महत्या कर ली। मरने से पहले महिला का भेष धारण कर लिया था।

ब्लाउज, सलवार से लिपिस्टिक-बिंदी तक; मरने से पहले एक अफसर क्यों बन गया औरत
Sudhir Jhaअजय जोशी,पंतनगरTue, 25 Jun 2024 06:44 AM
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उत्तराखंड के पंतनगर में एयरपोर्ट एयर ट्रैफिक कंट्रोल टीम में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर आशीष चौंसाली ने रविवार रात संदिग्ध हालात में आत्महत्या कर ली। सरकारी आवास में फंदे पर लटके आशीष महिला के लिबास में थे और शृंगार भी किया था। वारदात आधी रात किसी वक्त की मानी जा रही है। पुलिस ने सेक्सुअल डिसऑर्डर, ब्लैकमेलिंग व ऑनलाइन एक्टिविटी जैसे एंगलों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

पंतनगर एयरपोर्ट पर कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर आशीष चौंसाली का व्यवहार रविवार को भी बाकी दिनों की तरह सामान्य था। देर शाम तक पार्टी चली और रात साढ़े 10 बजे घर में मौजूद तीनों लोग सोने चले गए। सोमवार सुबह जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो वहां का मंजर देखकर हर कोई हक्का-बक्का रह गया। फंदे पर चुन्नी के सहारे लटके मिले आशीष की पूरी वेशभूषा ही बदली हुई थी। चेहरे पर मेकअप था पर वे अब जिंदा नहीं थे। इस पूरे मामले में आशीष का शव महिला की वेशभूषा में मिलने से पुलिस मामले की जांच में बुरी तरह उलझ गई है। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आशीष महिलाओं की वेशभूषा में क्यों था। शृंगार की किट और महिलाओं के कपड़े कहां से आए? यह सब आशीष ही लाए थे या किसी से मंगवाया था? या फिर इस वारदात में कोई और किरदार शामिल है?

इस मामले में सवाल यह भी उठ रहा है कि यह किसी डिसआर्डर का नतीजा था या फिर कुछ और? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से ही मिल सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह लगभग छह बजे उनके भांजे आकाश ने आशीष के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिला। लगभग साढ़े आठ बजे उसने फिर से आशीष के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद आकाश और आशीष के दोस्त भरत और पड़ोसी ने दरवाजे को तोड़ा तो अंदर आशीष को पंखे में फंदे से लटके पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फंदे पर लटका आशीष महिला के लिबास में थे। उसने नीचे सलवार, ऊपर ब्लाउज और उसके ऊपर नाइटी पहन रखी थी। साथ ही लंबे बालों की विग पहनने के साथ ही होंठों पर लिपिस्टिक और माथे में बिंदी थी।

महिला की वेशभूषा में आशीष को देख सब रह गए सन्न
आशीष का भांजा आकाश उनके साथ दो साल से अधिक समय से रहता था। वह एक बैंक में नौकरी करता है। जबकि आशीष का दोस्त भरत दो दिन पहले ही आया था। आशीष ने कुछ दिन पहले ही हल्द्वानी में देवलचौड़ में मकान बनाया है। भरत उनका पड़ोसी है। बताया जा रहा है भरत और आशीष बहुत अच्छे मित्र थे और आशीष ने ही भरत की सिडकुल में जॉब लगाई। आशीष को पहले इस तरह के कपड़ों में न तो आकाश ने देखा था और न ही भरत ने। ऐसे में जब आशीष का शव फंदे में कमरे में महिला की वेशभूषा में लटके देखा तो वह सन्न रह गए।

डिजिटल फुटप्रिंट से पुलिस पहुंचेगी तह तक
आशीष की मौत के मामले की जांच पुलिस के लिए भी बेहद पेचीदा है। एसपी सिटी रुद्रपुर मनोज कत्याल ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में उसके मोबाइल की कॉल डिटेल, सर्च हिस्ट्री समेत डिजिटल फुट प्रिंट के जरिए यह तहकीकात की जाएगी कि आखिर आशीष ने किन कारणों से खुदकुशी की है। उन्होंने कहा कि कहीं आशीष को कोई ब्लैकमेल तो नहीं कर रहा था या किसी तरह से आशीष अवसाद में तो नहीं आ गया था, यह सब भी जांच का विषय रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस की एक टीम भी जांच के लिए बनाई जा सकती है।