ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंडतापमान बढ़ने के साथ पानी के लिए हाहाकार, कार-गाड़ियों की धुलाई पर रोक

तापमान बढ़ने के साथ पानी के लिए हाहाकार, कार-गाड़ियों की धुलाई पर रोक

दून समेत छह शहरों में सर्वाधिक शिकायतें: सचिव अरविंद ह्यांकी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि राज्य में 317 गांव और शहरी इलाकों में 148 मोहल्ले ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां पेयजल संकट खड़ा है।

तापमान बढ़ने के साथ पानी के लिए हाहाकार, कार-गाड़ियों की धुलाई पर रोक
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानSun, 05 May 2024 12:47 PM
ऐप पर पढ़ें

उत्तराखंड में पेयजल संकट के मद्देनजर सरकार अब हरकत में आ गई है। संकट के समाधान को शनिवार को आयोजित वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सभी डीएम को वर्कशॉप में वाहनों की धुलाई पानी से न कराने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में गर्मियों के सीजन में अक्सर पेयजल संकट बढ़ जाता है, लेकिन इस बार गर्मियों की शुरुआत में ही अपेक्षाकृत कम बारिश-बर्फबारी की वजह से यह संकट और गहरा रहा है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां भी वर्कशॉप हैं, वहां पर वाहनों की धुलाई पानी के बजाय ड्राई वाश से ही की जाएगी।

दून समेत छह शहरों में सर्वाधिक शिकायतें: सचिव अरविंद ह्यांकी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि राज्य में 317 गांव और शहरी इलाकों में 148 मोहल्ले ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां पेयजल संकट खड़ा है। दून, नैनीताल, पिथौरागढ़, डीडीहाट, कोटद्वार, चम्पावत से पीने के पानी के संकट की सबसे ज्यादा शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

नवादा, हरिपुर और माजरी माफी में पानी का संकट
भाजपा नेता एनके गुसाईं ने शनिवार को नवादा, हरिपुर, माजरी माफी, मोहकमपुर और बद्रीपुर में पेयजल की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में पानी की दिक्कत है। कई जगह पर टैंकर मंगाया जाता है।

उन्होंने जल निगम पर भी सवाल उठाते कहा कि माजरी माफी की मधुबन कॉलोनी में चार साल पूर्व लाइन बिछाकर कनेक्शन देने के बाद आज तक उस लाइन पर पानी नहीं छोड़ा गया। यह लाइन जल संस्थान को हैंडओवर नहीं की गई है।

एक जून से जल संरक्षण अभियान चलेगा
इस बार कम होने से असर गर्मियां शुरू होते ही दिखने लगा है। ग्लेश्लियरों से निकलने वाली नदियों को छोड़ दें तो बाकी अन्य में पानी का बहाव बहुत कम हो चुका है। धीरे-धीरे जैसे गर्मी बढ़ रही है, इनमें जलस्तर कम होता जा रहा है। राज्य सरकार ने ऐसी 10 नदियों को चिन्हित किया है, जिन्हें पुनर्जीवित किया जा सकता है।

सचिव अरविंद ह्यांकी ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों से ऐसी नदियां चिन्हित कर उन पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि एक से 7 जून तक भारत सरकार जल संरक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। इसके मद्देनजर राज्य स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं।

जल संरक्षण हमारे लिए चुनौती है। लिहाजा, सभी सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग व सौर ऊर्जा के इंतजाम किए जाएंगे। पेयजल के लिहाज से अभी चुनौती आना शेष है, इसलिए अभी से तैयारियों को पुख्ता बनाने की जरूरत है।
पुष्कर धामी, मुख्यमंत्री