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Hindi News उत्तराखंडजन्म लेते ही मां ने दुनिया छोड़ी तो अपने ने भी मुंह मोड़ा; नवजात को छोड़ परिजन फरार

जन्म लेते ही मां ने दुनिया छोड़ी तो अपने ने भी मुंह मोड़ा; नवजात को छोड़ परिजन फरार

प्रसव पीड़ा बढ़ने पर महिला का सामान्य प्रसव कराया गया। इस दौरान महिला ने एक कन्या को जन्म दिया, लेकिन जैसे ही नवजात दुनिया में आई महिला की तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

जन्म लेते ही मां ने दुनिया छोड़ी तो अपने ने भी मुंह मोड़ा; नवजात को छोड़ परिजन फरार
Himanshu Kumar Lallपिथौरागढ़।  संतोष आर्यनSat, 25 May 2024 03:55 PM
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जिला महिला अस्पताल में प्रसव को पहुंची एक गर्भवती की मौत हो गई। घटना गुरुवार की है। नवजात को जन्म देने के करीब दो घंटे बाद गर्भवती ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत का कारण अधिक रक्तस्राव होना बताया जा रहा है।

घटना के बाद परिजन नवजात को अस्पताल में ही छोड़ गए। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे। कनालीछीना भंडारीगांव की 26 वर्षीय एक महिला को 21 मई को परिजन पेट में दर्द होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

गुरुवार को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर महिला का सामान्य प्रसव कराया गया। इस दौरान महिला ने एक कन्या को जन्म दिया, लेकिन जैसे ही नवजात दुनिया में आई महिला की तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा किया। बाद में परिजन महिला का शव लेकर चले गए।

जन्म लेते ही मां ने दुनिया छोड़ी, अपने ने भी मुंह मोड़ा
आम तौर पर दुनिया में जन्म लेने के बाद नवजातों का स्वागत सत्कार होता है। परिजन नवजात शिशु को गोद में उठाकर प्यार, दुलार करते हैं, लेकिन सीमांत में एक अभागी नवजात ऐसी भी है, जिसे यह खुशियां नसीब नहीं हुई।

दुनिया में आकर उसने अभी ठीक से अपनी आंखें तक नहीं खोली थी कि जन्म देने वाली मां उसे हमेशा के लिए छोड़कर दूसरी दुनिया में चली गई। महिला की मौत से आहत परिजनों ने भी उससे मुंह मोड़ लिया और अस्पताल में बेसहारा छोड़कर चले गए।

जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि कनालीछीना भंडारीगांव की एक महिला का प्रसव गुरुवार तड़के हुआ। प्रसव के दो घंटे बाद महिला की मौत हो गई। सुबह आठ से नौ बजे के करीब परिजन महिला का शव लेकर अस्पताल से चले गए।

लेकिन वह अपने साथ नवजात को लेकर नहीं गए। नवजात को एनआईसीयू में रखा गया। उन्होंने नवजात के अकेले होने की सूचना पुलिस को दी। नबियाल ने बताया कि शाम को महिला के मायके पक्ष से कुछ लोग अस्पताल आए और उन्होंने नवजात को अपने संरक्षण में रखा।

जिला अस्पताल में उमड़ रही रोगियों की भीड़
सीमांत में मौसम के बदलाव के साथ लोग बीमार होने लगे हैं। वायरल का प्रकोप का अंदाजा जिला अस्पताल में होने वाली ओपीडी से लगाया जा सकता है। यहां औसतन हररोज 800 से अधिक ओपीडी पहुंच रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खरांश के साथ ही सांस लेने की समस्या से पीड़ित रोगी इलाज को अस्पताल पहुंचे।

पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने कहा कि इन दिनों विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि बाजार में कम से कम भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही सफाई का ध्यान रखते हुए पानी को उबालकर पीने से मौसमी बीमारियों को काफी हद तक दूर रखा जा सकता है।

महिला की तीसरी संतान है नवजात
नवजात मृतक महिला की तीसरी संतान थी। मिली जानकारी के मुताबिक महिला का पहले से एक और बेटी है। इसके अलावा एक बच्चे का पूर्व में निधन होना बताया जा रहा है।

वर्ष 2020 में चार महिलाओं की हुई थी मौत : महिला अस्पताल में तीन वर्ष के अंतराल के बाद फिर महिला की मौत का मामला सामने आया है। 2020 में अस्पताल में महिला की मौत हुई थी।

नवजात को जन्म देने के बाद गर्भवती की मौत हुई है। मौत का कारण अधिक रक्तस्राव होना सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। महिला को बचाने की हरसंभव कोशिश की गई। 
डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस।