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सियासत:भाजपा और कांग्रेस के नाराज नेता तीसरा मोर्चा बनाएंगे

Lucknow, OBC, Politics

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरण से हलचल शुरू हो गई है। रविवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश के एक होटल में जुटे भाजपा और कांग्रेस के बागी और असंतुष्ट नेताओं ने गोपनीय बैठक कर राज्य में दो प्रमुख राष्ट्रीय दल की टक्कर में तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक पखवाड़ाभर में संगठन के नाम की विधिवत घोषणा कर दी जाएगी। अगली बैठक देहरादून या रुड़की में प्रस्तावित की गई है।
रविवार को ऋषिकेश में प्रदेशभर से भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्ट और बागी नेताओं का वीरभद्र मार्ग स्थित एक होटल में जमावड़ा काफी चर्चा में रहा। इनमें ज्यादातर नेता भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। होटल के बेसमेंट में बैठक की। हालांकि बैठक को गोपनीय बताकर मीडिया को दूर रखा गया। किसी खबरनवीश ने पहुंचने का प्रयास भी किया तो बेसमेंट का चैनल गेट बंद मिला। सूत्रों की मानें तो बैठक में अधिकांश नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि भाजपा और कांग्रेस के राष्ट्रीय एजेंडे हैं, जिससे प्रदेश का भला नहीं होने वाला। प्रदेश के विकास और भले के लिए विकल्प के रूप में तीसरे मोर्चे को तैयार करना होगा। ताकि राज्य के आंदोलन की अवधारणा को जीवित रखा जा सके।
 इस पर जोर दिया गया दोनों राष्ट्रीय दल के नेता बात तो पहाड़ के विकास की करते हैं, लेकिन सभी पलायन कर देहरादून में जा बसे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान ही इन्हें पहाड़ याद आता है। राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण को हासिए पर डाल दिया है, जबकि उत्तराखंड आंदोलन की प्रेरणा गैरसैंण से ही मिली थी।
बैठक में उपस्थित सूत्रों की माने तो अंत में तीसरे मोर्चा बनाकर 15 दिन के अंदर उसके नाम की घोषणा करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

ऋषिकेश में चौथी बैठक हुई 
रविवार को ऋषिकेश में भाजपा और कांग्रेस के बागी और असंतुष्ट नेताओं की चौथी बैठक हुई। इससे पहले एक बैठक ऋषिकेश, दूसरी हल्द्वानी, तीसरी सहस्त्रधारा देहरादून और चौथी फिर ऋषिकेश में हुई, जो ऋषिकेश से देहरादून तक चर्चाओं में रही। हालांकि रविवार को बैठक में मौजूद अधिकांश नेता कुछ भी बताने से बचते रहे। इतना जरूर है कि दोनों दलों के बागियों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।

यह रहे बैठक में मौजूद
सूत्रों के अनुसार बैठक में पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन, ओम गोपाल रावत, पूर्व मंत्री दिनेश धनै, भाजपा और कांगे्रस से बागी चुनाव लड़ चुके आर्येंद्र शर्मा, कविंद्र इस्टवाल, प्रमोद नैनवाल, महेंद्र नेगी, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, सूरतराम नौटियाल, गोविंद अग्रवाल, ज्योति सजवाण आदि मौजूद रहे। जबकि केदारनाथ से पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी आशा नौटियाल और काशीपुर के राजीव अग्रवाल सड़क बंद होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो  पाए।

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  • Web Title:annoyed leaders planning to constitute third front