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Hindi News उत्तराखंडईवीएम और फार्म 17-C की बहस के बीच आयोग अलर्ट, लोकसभा चुनाव 2024 मतगणना को यह ऐक्शन प्लान

ईवीएम और फार्म 17-C की बहस के बीच आयोग अलर्ट, लोकसभा चुनाव 2024 मतगणना को यह ऐक्शन प्लान

इसी क्रम में संबंधित ईवीएम से प्राप्त मतगणना के आंकड़े फार्म 17सी में दर्ज किए जाने से पहले इस फार्म के दूसरे भाग में संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। मतगणना पर ऐक्शन प्लान बना है।

ईवीएम और फार्म 17-C की बहस के बीच आयोग अलर्ट, लोकसभा चुनाव 2024 मतगणना को यह ऐक्शन प्लान
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, संजीव कंडवालMon, 03 Jun 2024 10:36 AM
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लोकसभा चुनाव 2024 के मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने ऐक्शन प्लान बनाया है। ईवीएम और फार्म 17 सी को लेकर जारी बहस के बीच भारत निर्वाचन आयोग भी सतर्क हो गया है। आयोग इस बार प्रत्येक प्रत्याशी के एजेंट से मतगणना के समय यह लिखकर लेगा कि गणना में उसी नंबर की ईवीएम शामिल की गई है जो मतदान के समय इस्तेमाल की गई थी।

चार जून को मतगणना से पहले उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश युक्त पोस्टर भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि गणना शुरू किए जाने से पहले सभी अधिकारी कंट्रोल यूनिट (ईवीएम) की यूआईडी, पिंक पेपर सील, ग्रीन पेपर सील अखंड होने की पुष्टि सभी प्रत्याशियों के एजेंट के सामने करेंगे।

इसके बाद ही कंट्रोल यूनिट पर रिजल्ट का बटन दबाया जाएगा। इसी क्रम में संबंधित ईवीएम से प्राप्त मतगणना के आंकड़े फार्म 17सी में दर्ज किए जाने से पहले इस फार्म के दूसरे भाग में संबंधित अधिकारी और मतगणना एजेंट द्वारा ‘हम एततद्वारा प्रमाणित करते हैं कि कंट्रोल यूनिट संख्या वही है जो मतदेय स्थल में इस्तेमाल की गई थी’ की टिप्पणी दर्ज करते हुए, इस पर अपने हस्ताक्षर किए जाएंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं पर मतदान प्रारंभ होने और समाप्त होने को लेकर पीठासीन अधिकारी की डायरी में दर्ज समय, कंट्रोल यूनिट के समय से मेल नहीं खा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल आयोग को दी जाए। यही प्रक्रिया ईवीएम में मॉक पोल के आंकड़े जुड़ जाने की स्थिति में भी अपनाई जाएगी।

आयोग ने कहा है कि यदि कहीं पर ईवीएम में दर्ज वोट और फार्म 17 सी में दर्ज वोट के आंकड़ों में अंतर आता है तो ईवीएम को वापस सुरक्षित रख लिया जाएगा। इसके बाद सभी ईवीएम की गणना के बाद यदि जीत-हार का अंतर संबंधित ईवीएम में दर्ज वोट से कम है तो फिर गणना वीवीपीएट की पर्ची के अधार पर की जाएगी।

निर्देश के अनुसार प्रत्येक विधानसभा में पांच बूथ पर वीवीपीएट की पर्ची का मिलान ईवीएम के नंबर से किया जाएगा। इन बूथों का चयन लॉटरी प्रक्रिया से किया जाएगा। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय जोगदंडे ने कहा कि पारदर्शिता के क्रम में आयोग ने यह कदम उठाए हैं, सभी मतगणना केंद्रों पर इसे प्रदर्शित भी किया जाएगा।