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Alert:उत्तराखंड में पिछले सप्ताह के मुकाबले 94 फीसदी बढ़े पॉजिटिव,एसडीसी फाउंडेशन का दावा-10 राज्यों में भी केसों में इजाफा

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu Kumar Lall
Sun, 01 Aug 2021 05:51 PM
Alert:उत्तराखंड में पिछले सप्ताह के मुकाबले 94 फीसदी बढ़े पॉजिटिव,एसडीसी फाउंडेशन का दावा-10 राज्यों में भी केसों में इजाफा

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण में एक बार फिर से इजाफा शुरू हो गया है। पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह मरीजों की संख्या में 94 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। सोशियल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज फाउंडेशन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना काल के 71 वें सप्ताह के दौरान राज्य में कुल 240 नए कोरोना के मरीज मिले थे। लेकिन 72 वें सप्ताह के दौरान नए कोरोना मरीजों की संख्या लगभग दोगुना 466 रही। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के दौरान मरीजों में 94 प्रतिशत का इजाफा है और इसे खतरनाक संकेत माना जाना चाहिए।

नौटियाल ने बताया कि देश के 10 राज्यों में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है ऐसे में संख्या के हिसाब से इस मामूली बढ़त को भी नजर अंदान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण में इजाफे को देखते हुए अभी से एक बार फिर टेस्टिंग, वैक्सीनेशन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने बताया कि देश में केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उड़ीसा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर में कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है।

देश के 46 जिलों में इन दिनों संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा चल रही है जबकि 53 जिलों में संक्रमण की दर 5 से 10 प्रतिशत के बीच है। ऐसे में राज्य में शुरू हुई इस वृद्धि को बेहद गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। कोविड जांच पर फोकस करने की जरूरत है ताकि कोरोना संक्रमण को दोबारा फैलने से रोका जा सके। उनके अनुसार, कोरोना केसों वाले इलाकों को जल्द से जल्द कंटेंरमेंट जोन घोषित किया जाना चाहिए। ऐसा करने में देरी पर सभी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।   

लक्ष्य से कम हो रही जांच
अनूप नौटियाल ने बताया कि राज्य में कोरोना जांच तय लक्ष्य से काफी कम हो रही है। सरकार ने हर दिन चालीस हजार का लख्य तय किया था लेकिन टेस्टिंग तय लक्ष्य से 35 प्रतिशत तक कम हो रही है। नौटियाल ने कोरोना काल के 72वें सप्ताह का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के हिसाब से राज्य में 2 लाख 80 हजार जांच होनी चाहिए थी। लेकिन वास्तव में 1 लाख 83 हजार 310 टेस्ट ही हो पाए।

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