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25 फरवरी, 2020|6:24|IST

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महाकुंभ : शहर से बाहर भी सजेगी अखाड़ों की छावनी

Kumbh 2019: Millions of pilgrims takes holy dip on Mahashivaratri

कुंभ 2021 में पहली बार हरिद्वार में नीलधारा क्षेत्र में भी अखाड़ों की छावनी सजेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने छावनी में तमाम जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री और संतों का आश्वस्त किया।  ऐसे में अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरीगिरी ने नीलधारा क्षेत्र में अखाड़ों की छावनी स्थापित को लेकर हामी भर दी। अन्य अखाड़ों के प्रमुख संतों ने महामंत्री की बात को पुख्ता करते हुए सरकार के प्रस्ताव पर सहमति जताई। कुंभ 2010 के मुकाबले कुंभ 2021 में अखाड़ों के संतों की संख्या दोगुनी होगी। अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी पहले इस बात की तस्दीक कर चुके थे। विस्तारीकरण को लेकर मेलाधिकारी दीपक रावत ने नया टापू, देवपुर मुस्तकीम और नीलधारा के पास भूमि को चिह्नित किया था।

नया टापू और देवपुर मुस्तकीम क्षेत्र में छावनी का विस्तार करने को लेकर संतों को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद शुरू से ही अखाड़ों की छावनी को शहर से बाहर ले जाने के विरोध में थी। पहले भी कुंभ आयोजन के दौरान नीलधारा छावनी स्थापित करने के सरकार के प्रयासों को झटका लग चुका है। प्रदेश सरकार और मेलाधिष्ठान पेशोपेश में थे कि योजना के अनुरूप बिना विस्तारीकरण के इतनी बड़ी संख्या में शिविर कहां लगाए जाएंगे।  आखिरकार संतों के साथ निरीक्षण की रणनीति काम आई और संतों ने पहली बार शहर से बाहर छावनी स्थापति करने पर सहमति दी। 

 

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  • Web Title:akhara parishad inn would also be constructed outside city during maha kumbh 2021 in haridwar