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10 जुलाई, 2020|5:19|IST

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लॉकडाउन: वायुमंडल की सेहत में बड़ा हुआ सुधार, ब्लैक कार्बन व मोनो ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों पर भी नियंत्रण  

pollution

कोरोना से बचाव के लिए लागू किए लॉकडाउन से वायुमंडल की सेहत में बड़ा सुधार हुआ है। एरीज के वैज्ञानिकों का कहना है पहली बार वायुमंडल जहरीली गैसों से लगभग मुक्त है। जंगलों में आग की घटनाएं न होने से ब्लैक कार्बन और मोनो ऑक्साइड का स्तर भी सामान्य है। जहरीली गैसों के अलावा पर्यावरण प्रदूषण की मात्रा 70 प्रतिशत तक कम हुई है। 

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान एरीज के वायुमंडलीय वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले वर्षों तक अप्रैल की शुरुआत में ही प्रदूषण बढ़ने लगता था। इस समय तक पर्यावरण में पार्टिकुलेटेड मैटर यानि पीएम 2.5 के स्तर में 50 से 60 फीसदी इजाफा होना सामान्य बात थी।

इस वर्ष ये दस फीसदी भी नहीं है। पिछले सालों तक अप्रैल के पहले सप्ताह में जंगलों की आग से एक माईक्रोग्राम प्रति घन मीटर में ब्लैक कार्बन में 15 से 20 गुना तक बढ़ जाता था। इसमें कार्बन-डाई-ऑक्साइड, मोनो ऑक्साइड समेत अन्य जहरीली गैसें शामिल होती हैं। इस बार इसकी वृद्धि नहीं के बारबर है। 

 

मौसम चक्र में होगा सुधार
वैज्ञानिकों के अनुसार वायुमंडल साफ होने से लगातार बिगड़ते मौसम चक्र में सुधार होगा। इससे प्राकृतिक आपदाएं और मौसम चक्र शिफ्ट होने की प्रक्रिया नियंत्रित होगी। सूखा और बाढ़ जैसी विपदाओं पर भी आने वाले समय में कमी देखेंगे। अत्यधिक बारिश, गर्मी और ठंड में भी कमी आएगी।


कार्बन के उत्सर्जन में कमी आना वायुमंडल के लिए बेहद सुखद है। इससे मौसम चक्र में सुधार के साथ ही पर्यावण की सेहत भी सुधरेगी। बारबार आपदा की मार झेल रहे पहाड़ों के लिए सबसे राहतभरा है। लॉकडाउन लोगों के साथ ही प्रकृति के लिए भी वरदान साबित हुआ है। 
डॉ. नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ वायुमंडल वैज्ञानिक, एरीज नैनीताल

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  • Web Title:air pollution reduces during lockdown due to corona pandemic in uttarakhand