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उत्तराखंड : मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे, कई मंत्रियों की होगी छुट्टी

मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद अब मंत्रिमंडल के कुछ चेहरे बदलने की भी कयासबाजी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि परफॉरमेंस नहीं दे पाने वाले मंत्री इसके दायरे में...

उत्तराखंड : मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे, कई मंत्रियों की होगी छुट्टी
Shivendra Singh  विशेष संवाददाता, देहरादूनWed, 10 Mar 2021 08:43 AM

मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद अब मंत्रिमंडल के कुछ चेहरे बदलने की भी कयासबाजी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि परफॉरमेंस नहीं दे पाने वाले मंत्री इसके दायरे में आएंगे। फिलहाल ऐसे तीन मंत्रियों के नाम राजनीतिक गलियारों में तैर रहे हैं।

मौजूदा मंत्रिमंडल में सीएम त्रिवेंद्र रावत समेत 9 सदस्य थे, लेकिन अब यह तो तय है कि मंत्रिपरिषद में पूरे 12 सदस्य होंगे। इनमें कई नए चेहरों को जगह मिलनी भी तय है। भाजपा कई बार विधायक रहे नेताओं को भी जिम्मा दे सकती है, ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके। मंत्रिमंडल के गठन में नए मुख्यमंत्री की पसंद के साथ यह पैमाना भी लागू होगा कि हाईकमान के निर्देश पर कौन खरा उतरा है।

सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित रहने वाले मंत्रियों और कमजोर प्रदर्शन के साथ ही नए समीकरण बनाने के लिए तीन मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा पैदा हो गया है। सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक मंत्री की कुर्सी पर खतरा इसलिए है कि उस जिले से दूसरे युवा विधायक को जगह दी जानी है। वहीं, दूसरे मंत्री के विवादों में रहने की वजह से उनकी कुर्सी डगमगा सकती है। मंत्रिमंडल में बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल और चमोली जिले से फिलहाल कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। राज्य में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की तादाद काफी ज्यादा है, इस बात का भी ध्यान रखा जा सकता है।

अगर ब्राह्मण सीएम बने तो भगत को जाना होगा
अगर सीएम के रूप में कोई ब्राह्मण चेहरा आया तो ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की कुर्सी जा सकती है। भाजपा गढ़वाल-कुमाऊं में सियासी समीकरण साधने के लिए यह तरीका अपना सकती है। अब तक गढ़वाल से ठाकुर सीएम त्रिवेंद्र रावत थे तो कुमाऊं से प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत। अब यदि मुख्यमंत्री कोई ब्राह्मण बनता है तो फिर कोई कुमाऊं का कोई ठाकुर नेता ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालेगा। ऐसी दशा में बंशीधर भगत को मंत्रिमंडल की कुर्सी मिल सकती है, क्योंकि चुनावी साल में पार्टी उन्हें नाराज नहीं करना चाहेगी।

नौकरशाही में होगा बड़ा फेरबदल
उत्तराखंड में मंगलवार को त्रिवेंद्र रावत के इस्तीफे के बाद नए सीएम के शपथ लेते ही नौकरशाही में बड़ा फेरबदल होगा। माना जा रहा है कि डीएम और पुलिस कप्तानों से लेकर शासन में नौकरशाही के पत्ते नए सिरे से फेटे जाएंगे। साइड लाइन अफसरों का पुनर्वास होगा तो कई के पर कतरे जाएंगे।

सीएम सचिवालय - नए सीएम के शपथ लेते ही सबसे पहले बड़ा बदलाव सीएम सचिवालय में होगा। प्रमुख सचिव, सचिव और निजी सचिवों में फेरबदल होगा। सचिवों के विभागों में भी बदलाव होगा। अभी तक अधिकतर मंत्री विभागीय सचिवों 
से खुश नहीं रहे हैं।

आईएएस/आईपीएस - जिलों में कुछ डीएम के काम से विधायक खुश नहीं हैं। ऐसे में बेहतर काम करने वालों को जहां बड़े जिलों की कमान मिल सकती है तो अच्छे नतीजे न देने वालों पर गाज गिर सकती है। यही स्थिति आईएएस के साथ ही आईपीएस अफसरों की भी रहेगी।

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