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Hindi News उत्तराखंडअतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम के बाद अब एमडीडीए की तैयारी, देहरादून में 412 घरों को ‘बुलडोजर’ की टेंशन

अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम के बाद अब एमडीडीए की तैयारी, देहरादून में 412 घरों को ‘बुलडोजर’ की टेंशन

इनमें से ढाई सौ से ज्यादा ने अपने मकान 11 मार्च से पहले बने होने का दावा किया है। अब तक करीब 120 के आसपास ऐसे लोग हैं जिनके दस्तावेजों की जांच के बाद यह पुष्टि हुई है कि मकान तय तिथि से पहले बने हैं।

अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम के बाद अब एमडीडीए की तैयारी, देहरादून में 412 घरों को ‘बुलडोजर’ की टेंशन
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Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानSun, 09 Jun 2024 12:58 PM
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नगर निगम ने एनजीटी के आदेश पर रिस्पना नदी के किनारे स्थित 27 बस्तियों में 11 मार्च 2016 के बाद बने चिन्हित अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का काम पूरा कर लिया है। देहरादून में अब एमडीडीए दस्तावेजों की जांच पूरी करने के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।

निगम के भूमि अनुभाग ने सत्तर के आसपास चिन्हित कच्चे-पक्के मकानों और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त करने का काम पूरा कर लिया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने 412 चिन्हित मकानों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी किया है।

इनमें से ढाई सौ से ज्यादा ने अपने मकान 11 मार्च से पहले बने होने का दावा किया है। अब तक करीब 120 के आसपास ऐसे लोग हैं जिनके दस्तावेजों की जांच के बाद यह पुष्टि हुई है कि उनके मकान तय तिथि से पहले बने हैं।

इन्हें कार्रवाई से राहत मिलेगी। लेकिन जो निर्माण मार्च 2016 के बाद के होंगे, उनके खिलाफ एमडीडीए अभियान चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। बारह मकान मसूरी नगर पालिका की जमीन पर चिन्हित हुए हैं, इनमें रह रहे लोगों को नोटिस जारी कर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कुछ मकान सरकार की जमीन पर है।

भेदभाव के लग रहे आरोप 
जनप्रतिनिधियों और बस्ती के लोगों ने कार्रवाई के दौरान भेदभाव करने के आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि पहले यह कहा गया था कि निर्माण 11 मार्च 2016 से पहले बने होने का प्रमाण देने के लिए पुराना बिजली या पानी का बिल उपलब्ध करवाना होगा। जबकि कुछ जगह वोटर आईडी के आधार पर भी लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। ऐसे प्रकरणों को लेकर आगे विवाद की स्थिति बन सकती है।

अतिक्रमण भाजपा-कांग्रेस की देन 
उक्रांद उत्तराखंड क्रांति दल अवैध कब्जे और अतिक्रमण को भाजपा-कांग्रेस सरकारों की देन बताया है। दल के महानगर देहरादून के उपाध्यक्ष रामकुमार शंखधर ने कहा कि कमजोर और मजदूर वर्ग ने जैस-तैसे अपने घर बनाए। अब अतिक्रमण के नाम पर उन्हें तोड़ा जा रहा है।

एक ओर प्रधानमंत्री गरीबों को पक्का मकान देने की बात कर रहे हैं। वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के कच्चे मकानों को तोड़कर उन्हें सड़क पर भटकने के लिए विवश कर रही है। आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भूमाफिया सरकार की सह पर सरकारी जमीनों को कब्जा कर कई बार बेच चुके हैं। लेकिन इसपर सरकार चुप्पी साधे बैठी है।