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Hindi News उत्तराखंड17 दिन बाद शुरू चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में भक्तों का हुजूम, चंद घंटों में स्लॉट हुआ खत्म  

17 दिन बाद शुरू चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में भक्तों का हुजूम, चंद घंटों में स्लॉट हुआ खत्म  

कुछ यात्रियों ने इस दौरान हंगामा भी किया। जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि हमें 1500 स्लॉट दिए गए थे। इनके समाप्त होने के बाद काउंटर को बंद किया गया। रविवार को फिर स्लॉट शुरू होगा।

17 दिन बाद शुरू चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन में भक्तों का हुजूम, चंद घंटों में स्लॉट हुआ खत्म  
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमSat, 01 Jun 2024 07:57 PM
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उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए 17 दिन आज 1 जून को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू हुआ। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ गया था। यूपी, एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों से भारी संख्या में तीर्थ यात्री हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह सात बजे से ही पहुंच गए थे।

पांच घंटे में ही रजिस्ट्रेशन पूरे होने पर काउंटर बंद कर दिए गए। ऋषिकेश में भी चंद घंटों के अंदर 1500 सीटों का स्लॉट फुल हो गया। इससे नाराज घंटों लाइन में लगे यात्रियों ने हंगामा कर दिया। चारधाम में यात्रियों की अधिक भीड़ के बाद शासन ने 15 मई से ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए थे। लेकिन 17 दिन बाद शनिवार को फिर से ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरु कर दिया गया।

जिसके लिए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शुक्रवार को ऋषिकुल मैदान का निरीक्षण का हरिद्वार में चारधाम में जाने वाले यात्रियों को प्रत्येक धाम के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की संख्या को बढ़ाकर 1500 करने का आदेश भी दिया था।

शनिवार सुबह सात बजे ऋषिकुल में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया लेकिन मात्र पांच घंटे में 12 बजकर 10 मिनट पर स्लॉट खत्म हो गए। इसकी सूचना वहां मौजूद पुलिस कर्मी ने यात्रियों को दी। रजिस्ट्रेशन बंद होने की सूचना को सुनते ही यात्री आग बबूला हो गए।

कुछ यात्रियों ने इस दौरान हंगामा भी किया। जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि हमें 1500 स्लॉट दिए गए थे। इनके समाप्त होने के बाद काउंटर को बंद किया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह सात बजे से फिर से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी।

मैं राजस्थान के डूंगरपुर से चारधाम यात्रा के लिए आया हूं। रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह चार बजे से लाइन में लगा था। घंटों खड़े खड़े रहने के कारण पैर में सूजन भी आ गयी। मेरा तो रजिस्ट्रेशन हो गया, लेकिन मेरी धर्मपत्नी के नंबर आने तक स्लॉट खत्म होने की घोषणा हो गयी। अब रविवार सुबह फिर से लाइन में लगना पड़ेगा।
पन्नालाल पंचाल, राजस्थान

मैं इंदौर से आया हूं छह घंटे तक लाइन में लगा रहा। जब उम्मीद जगी थी अब मेरा नंबर रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाला है। तब ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। मैंने कहा भी कि रविवार वाले स्लॉट में से हमें रजिस्ट्रेशन दे दो लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। अब रविवार को सुबह से फिर से लाइन में लगना पड़ेगा।
डॉ. मनीष, इंदौर

हम मुम्बई से चालीस लोगों का ग्रुप यात्रा के लिए आया हुआ है। ग्रुप के आधे लोगों का हो गया लेकिन आधे लोगों का नहीं हुआ। छह घंटे तक लाइन में लगे रहे इतना ही नहीं हमने लाइन में व्यवस्था बनाने का काम भी इस दौरान किया। लेकिन जब हमारी बारी आयी तो स्लॉट खत्म।
राजेश, मुंबई

पहले एनाउंस किया जाता है कि शाम सात बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अचानक बोल दिया जाता है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अब बंद कर दी गयी है। अधिकारी बोल रहे हैं कि स्लॉट खत्म हो गए हैं, बुक होने वाले स्लॉट को किसी बोर्ड के माध्यम से हमें पता तो चले कि अब स्लॉट खत्म होने वाले हैं। अचानक बोल दिया खत्म हो गया अब घंटों से लाइन में खड़ा रहना बेकार गया।
लक्ष्मण सिंह, बिहार भागलपुर

अव्यवस्थाओं का बोलबाला
ऋषिकुल मैदान में पंजीकरण कैंप में मेडिकल सेल के लिए एक अलग से व्यवस्था जरूर की गयी थी। लेकिन उस कैंप में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौके पर मौजूद नहीं था। यात्री उस टैंट में बैठे मिले। इतनी भीड़ के लिए काफी दूर एक मोबाइल शौचालय लगा हुआ था। जबकि यात्री खुले में पेशाब करते दिखे। कितनी भीड़ रही होगी। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पांच घंटे में सभी स्लॉट खत्म हो गए।

चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
केदारनाथ-गंगोत्री, बदरीनाथ समेत चारों धामों में दर्शन जाने से पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। 10 मई से शुरू चारधाम यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने को पहुंच रहे हैं। 

छह घंटे में 1500 यात्रियों का स्लॉट फुल
चारधाम यात्रा में 15 दिन बाद शनिवार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खुल गए। पंजीकरण कराने के लिए ऋषिकेश में काउंटरों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ी। उन्हें टोकन सिस्टम के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई।

रोजाना रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित 1500 यात्रियों का स्लॉट भी महज छह घंटे के भीतर ही फुल हो गया, जिसके बाद यात्रियों को अगले दिन के लिए रजिस्ट्रेशन टोकन बांटे गए। रविवार सुबह छह बजे चारधाम ट्रांजिट एवं पंजीकरण केंद्र में यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई।

रजिस्ट्रेशन से पहले संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड से यात्रियों को टोकन दिया गया है, जिसके बाद उनका काउंटर पर उनका रजिस्ट्रेशन किया गया। यात्रियों की भीड़ पहले टॉकन काउंटर पर जुटी, तो इसके बाद वह पंजीकरण के लिए कतारों में खड़े दिखे।

दोपहर 12 बजे निर्धारित 1500 यात्रियों का प्रतिदिन का स्लॉट निपटने के बाद यात्रियों ने तीर्थदर्शन के लिए यात्रा का रुख किया। मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार समेत विभिन्न राज्यों के यात्री भगवान बदरी-केदार के जयकारों के साथ ऋषिकेश से चारधाम के लिए रवाना हुए।
कोट

सरकार ने यह स्लॉट सिस्टम लागू किया है, जिसमें यात्रियों को राहत देते हुए ऑफलाइन पंजीकरण को सुचारु कर दिया गया है। 1500 यात्रियों का पंजीकरण पहले निर्धारित संख्या के मुताबिक किया गया है। जरूरत पड़ने पर सरकार इसे कोटे को बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यहां यात्रियों की आमद की स्थिति से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय के माध्यम से शासन को भी अवगत कराया जा रहा है।
नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, अपर आयुक्त गढ़वाल
 

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