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Hindi News उत्तराखंडट्रैकिंग में एडवेंजर का मजा बना सजा, उत्तराखंड में 9 ट्रैकर्स की मौत; रेस्क्यू कर 13 की जान बचाई 

ट्रैकिंग में एडवेंजर का मजा बना सजा, उत्तराखंड में 9 ट्रैकर्स की मौत; रेस्क्यू कर 13 की जान बचाई 

दल में 18 कर्नाटक और 01 महाराष्ट्र  का टैकर थैा। इसके अलावा, दल के साथ 03 पोर्टर और लोकर गाइड भी शामिल था। बताया कि पिछले 03 मई को ट्रैकिंग रूट पर मौसम खराब होने के कारण 04 ट्रैकर्स की मौत हुई।

ट्रैकिंग में एडवेंजर का मजा बना सजा, उत्तराखंड में 9 ट्रैकर्स की मौत; रेस्क्यू कर 13 की जान बचाई 
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी। हिन्दुस्तानWed, 05 Jun 2024 07:08 PM
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उत्तराखंड में एडवेंजर का मजा लेने के लिए ट्रैकिंग करने के लिए निकले टैकर्स पर खराब मौसम मुसीबतों का पहाड़ बनकर टूट पड़ा है। उत्तरकाशी जिले के सहस्त्रताल ट्रैक पर गए टैर्क्स फंस गए थे। पुलिस को सूचना मिलने रेस्क्यू ऑपरेशन को शुरू किया गया था।

उत्तरकाशी जिले में सहस्रताल ट्रैक पर फंसे 13 लोगों को बुधवार को सुरक्षित बचा लिया गया। 22 ट्रैकरों में नौ की मौत हो गई। इनमें पांच के शव निकालकर भटवाड़ी पहुंचा दिए गए। अन्य चार शव मौके से भटवाड़ी लाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। सुरक्षित बचे आठ ट्रैकरों को एसडीआरएफ की टीम चॉपर से देहरादून लेकर पहुंची।

यहां उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि 22 सदस्य ट्रैकर दल के फंसे होने की सूचना पर तीन अलग-अलग ट्रैकिंग एक्सपर्ट टीम मौके पर रवाना की गई। वहीं हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू शुरू किया गया। बुधवार सुबह एसडीआरएफ ने 11 ट्रैकर्स को हेली के माध्यम से सकुशल रेस्क्यू किया।

इनमें आठ ट्रैकरों को सकुशल देहरादून पहुंचाया। ये हेलीकॉप्टर से कृषाली स्थित हेलीपेड पहुंचे। वहां से एंबुलेंस के जरिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया वहां सभी की हालत खतरे से बाहर है। इसके अलावा तीन ट्रैक भटवाड़ी में सुरक्षित छोड़े गए। इसके अलावा दो अन्य ट्रैकर स्थानीय गाइड के साथ सिल्ला गांव तक पहुंचे।

मौके से पांच शव भी भटवाड़ी भिजवाए गए। चार अन्य शवों को मौके से भटवाड़ी लाने के लिए एसडीआरएफ की पैदल हाई एल्टीट्यूड टीम भी मौके पर पहुंच गई है। एक टीम को बैकअप के लिए रखा गया है। ट्रैकर दल में 21 सदस्य बेंगलुरू और एक महाराष्ट्र के निवासी शामिल रहे। यह ट्रैकिंग दल बीते 29 मई को अपनी यात्रा पर निकला था।

तीन गाइड और छह पोर्टर सुरक्षित लौटे
ट्रैकिंग दल के साथ तीन गाइड और छह पोर्टरों की टीम गई थी। बर्फिले तुफान से बचकर यह आठ सदस्य टीम भी वापस आ गई है। इनमें शामिल लोगों ने ट्रैकरों के फंसे होने की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी।

ट्रैकर्स को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ट्रैक में फंसे आठ ट्रैकर्स को रेस्क्यू कर लिया गया है। सभी ट्रैकर्स को देहरादून स्थित कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पर सभी की हालत सामान्य बनी है। सभी ट्रेकर्स कर्नाटक बेंगलुरु के रहने वाले हैं।

वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर ज्योति डबराल और वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर परमार्थ जोशी ने उनका इलाज किया। बताया कि सोमवार शाम तक सभी को डिस्चार्ज कर होटल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल में भर्ती ट्रैकर्स का स्वास्थ्य ठीक है और वह किसी भी खतरे से बाहर हैं, लेकिन ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं। 

भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की भी मदद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में फंसे ट्रैकर्स को रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ, पुलिस-प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य किया। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर ने  फंसे ट्रैकर्स की लोकेशन ढूंढने में काफी मदद की।

ट्रैकर्स जिन्हें रेस्क्यू कर देहरादून भेजा गया है -
1. सौम्या कनाले
2. स्मृति डोलस
3. शीना लक्ष्मी
4. एस शिवा ज्योति
5. अनिल जमतीगे अरुणाचल भट्ट
6. भारत बोम्मना गौडर
7. मधु किरण रेड्डी
8. जयप्रकाश बी एस
9. एस सुधाकर
10. विनय एम के
11. विवेक श्रीधर

सिल्ला गांव के रास्ते वापस लौट रहे ट्रैकर्स-
1. नवीन
2. रितिका जिंदल

ट्रैकर्स जिनके शव नटीन हेलीपैड पर लाये गए-
1. सिंधु वाकेलाम
2. आशा सुधाकर
3. सुजाता मुंगुरवाडी
4. विनायक मुंगुरवाडी
5. चित्रा प्रणीत