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1 अक्तूबर, 2020|10:55|IST

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‘आप’ ने सदस्य बनने वालों को बांट दी साइकिलें, जांच रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले खुलासे

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देहरादून के गांधी ग्राम में आम आदमी पार्टी (आप) की टोपी पहने हुए लोगों के साइकिल बांटने के मामले में प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है। जांच अधिकारी की रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के दौरान मौके पर तीन साइकिलें भी मिलीं। मालूम हो कि सितंबर के दूसरे हफ्ते में गांधी ग्राम क्षेत्र में ‘आप’की टोपी पहने लोगों के साइकिल बांटने का मामला सामने आया था।

क्षेत्र में जो साइकिलें बांटी गई थीं, उन पर उत्तराखंड भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का लोगो भी लगा था। यहां एक ही परिवार के चार-चार लोगों समेत 80 साल की बुजुर्ग और 12 वर्ष के बच्चे तक को साइकिल बांटे जाने के आरोप लगे। ‘हिन्दुस्तान’ ने इस मामले का खुलासा किया तो प्रकरण की जांच शुरू हुई। 

मामले में जांच अधिकारी बनाई गईं स्थानीय लेबर इंस्पेक्टर पिंकी टम्टा ने अब अपनी रिपोर्ट उत्तराखंड भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव और उप श्रमायुक्त को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में तमाम गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि जांच के लिए टम्टा जब मौके पर पहुंचीं, तो लोगों ने उन्हें घेर लिया।

लोगों ने उन पर सभी को साइकिल देने को दबाव बनाया। टम्टा ने जब बताया कि वो पड़ताल को आई हैं, तो लोग चले गए। रिपोर्ट में बताया गया कि जांच के दौरान लोगों ने बताया कि उन्हें 100 रुपये में ‘आप’ की सदस्यता लेने और आधार कार्ड की कॉपी मांगी गई। इसके बाद लोगों को सहसपुर क्षेत्र स्थित एक गोदाम में ले जाया गया जहां से साइकिलें टैम्पो में रखकर गांधी ग्राम लाई गईं।

जिन लोगों को साइकिलों समेत दूसरा सामान मिला, उन्हें 23 सितंबर को सहसपुर में हुए ‘आप’ के कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया। इस पूरे प्रकरण में गुलफाम नाम के व्यक्ति की अहम भूमिका बताई गई। बोर्ड के अपर कार्याधिकारी अशोक वाजपेयी ने बुधवार को रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। हालांकि वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने अभी रिपोर्ट देखी नहीं है। ऐसे में वो मामले में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं।


जांच के दौरान सामने नहीं आए लोग
गांधी ग्राम में जिनको साइकिलें मिलीं, जांच के दौरान उनमें से कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया। उक्त लोगों के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि कोई घर में नहीं है। मौके पर जो नई साइकिलें मिलीं, उनका रैपर पूरी तरह हटाया जा चुका था। साइकिल नीलम कंपनी की थीं। श्रम बोर्ड की साइकिलें भी नीलम कंपनी की ही हैं। प्रारंभिक जांच में विस्तृत जांच की जरूरत जताई गई है। हालांकि विस्तृत जांच का फैसला शासन स्तर से होना है। 


अभी रिपोर्ट शासन स्तर पर नहीं पहुंची है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, उसी के अनुरूप आगे कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है, तो कार्रवाई तय है। 
हरबंस सिंह चुघ, सचिव श्रम

 

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  • Web Title:aam aadmi party aap distributes cycle to residents during membership campaign in dehradun