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21 जनवरी, 2020|11:39|IST

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एम्स में 70 फीसदी आरक्षण की मांग खारिज

उत्तराखंड के लोगों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में 70 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरक्षण की अर्जी खारिज कर दी है।  एम्स प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय से राज्य के लोगों को 70 प्रतिशत आरक्षण देने की गुहार लगाई थी। जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कहकर खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार की ऑटोनॉमस बॉडी में किसी भी राज्य के लिये आरक्षण का कोई प्रावधान ही नहीं है।  ऋषिकेश एम्स प्रशासन ने 26 अप्रैल 2019 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर उत्तराखंड के युवाओं को एम्स में होने वाली भर्ती में 70 प्रतिशत आरक्षण देने की गुहार लगाई थी। जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कहकर खारिज कर दिया कि भारत सरकार की डीओपीटी गाइड लाइन में किसी भी राज्य के लिये ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है कि जिसमें किसी स्टेट के लोगों को ऑटोनॉमस बॉडी में आरक्षण दिया जाए। एम्स भी ऑटोनॉमस बॉडी में ही आता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अवर सचिव शंभू कुमार ने बीती 20 मई को ऋषिकेश एम्स को पत्र भेजा। जिसमें बताया गया है कि केंद्र सरकार की नियमावली में इस तरह का कोई प्रावधान ही नहीं है। एम्स प्रशासन पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से उत्तराखंड के युवाओं को एम्स की सभी भर्तियों में आरक्षण की गुहार लगा चुका है। एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत का कहना है कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले उत्तराखंड प्रदेश के युवाओं को एम्स में होने वाली सभी भर्तियों में आरक्षण की गुहार लगाई थी। उनका कहना है कि भर्ती संबंधी सभी निर्णय केंद्र सरकार के अधीन होते है। वह तो डीओपीटी की गाइड लाइन के अनुरूप ही कार्य करते हैं। ज्ञात हो कि की एम्स बचाओ सर्वदलीय संघर्ष समिति ने एम्स में भर्ती में 70% आरक्षण की मांग की थी। जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ही खारिज कर दिया। 

 

आउटसोर्स कर्मचारियों ने 62 दिन तक आंदोलन किया था
ऋषिकेश। वीरभद्र मार्ग पर एम्स की आउटसोर्स कंपनी से निष्कासित कर्मचारियों ने 27 अप्रैल 2019 तक करीब 62 दिन तक आंदोलन किया। वह एम्स में होने वाली भर्ती में 70 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे थे। आंदोलन के लिये सर्वदलीय संघर्ष समिति का गठन भी किया गया। समिति ने भी एम्स में होने वाली स्थाई भर्ती में आरक्षण की मांग की। जिसके बाद एम्स प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय से गुहार लगाई।

 

विधानसभा अध्यक्ष की पहल पर निपटा आंदोलन
ऋषिकेश। एम्स की आउटसोर्स कंपनी से निष्कासित कर्मचारियों की बहाली को विधानसभा अध्यक्ष को पहल करनी पड़ी। जिसके बाद करीब 45 कर्मियों की बहाली पर सहमति बनी। एम्स में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को भविष्य में होने वाली विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष गाइडेंस क्लास देने का भी ऐलान किया है। एम्स प्रशासन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य के लोगों के लिये 70 प्रतिशत आरक्षण की पैरवी करने की बात भी कही थी।   
 

 

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  • Web Title:70 percent reservation demand in aiims rishikes denied in uttarakhand