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2024 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद रोमांचक,  3 बड़े उल्कापात-24 बड़े एक्टेरॉयड के सुंदर नजारे दिखेंगे

यदि आप इन रोमांचक घटनाओं का गवाह बनना चाहते हैं तो इसके लिए पहले से तैयार रहना होगा। अगले छह दिनों में 4 एस्टेरॉयड देखने का मौका सुदूर अंतरिक्ष से इस साल 24 बड़ी चट्टानें पृथ्वी की ओर आ रही हैं।

2024 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद रोमांचक,  3 बड़े उल्कापात-24 बड़े एक्टेरॉयड के सुंदर नजारे दिखेंगे
Himanshu Kumar Lallनैनीताल। दीपक पुरोहितTue, 16 Jan 2024 04:45 PM
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खगोलीय घटनाओं के लिहाज से 2024 बेहद रोमांचक साल होने जा रहा है। इस साल तीन बड़े उल्कापात होने जा रहे हैं। पृथ्वी की ओर बढ़ रहे 24 बड़े एस्टेरॉयड के सुंदर नजारे दिखेंगे। इसके अलावा चार ग्रहण भी लगेंगे। यदि आप इन रोमांचक घटनाओं का गवाह बनना चाहते हैं तो इसके लिए पहले से तैयार रहना होगा।

अगले छह दिनों में 4 एस्टेरॉयड देखने का मौका सुदूर अंतरिक्ष से इस साल 24 बड़ी चट्टानें पृथ्वी की ओर आ रही हैं। इसमें से जनवरी में ही 12 एस्टेरॉयड नजर आएंगे। अगले छह दिनों के भीतर चार एस्टेरॉयड पृथ्वी और चांद के बीच से गुजरेंगे। इसके अलावा अप्रैल, नवंबर और दिसंबर में एक-एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास आएगा।

अप्रैल, नवंबर और दिसंबर में तीन-तीन एस्टेरॉयड नजर आएंगे। एस्टेरॉयड अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से घूमती विशालकाय चट्टानें होती हैं। जो कई तरह की धातुओं की भी बनी होती हैं। यह एस्टेरॉयड कई बार ग्रहों से टकराकर बड़ी तबाही का कारण बन जाते हैं। इसलिए वैज्ञानिक पृथ्वी की ओर आने वाले एस्टेरॉयड की हमेशा से निगरानी करते रहते हैं।

25 मार्च को पहला चंद्र ग्रहण
नैनीताल स्थित आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के डॉ. विरेंद्र यादव के अनुसार इस साल चार बार ग्रहण देखने को मिलेंगे। जिसमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होंगे। साल का पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को लगेगा। इसके बाद 18 सितंबर को दूसरा चंद्र ग्रहण होगा। वहीं पहला सूर्य ग्रहण आठ अप्रैल को होगा जबकि दूसरा दो अक्तूबर को लगेगा।

अगस्त, अक्तूबर और दिसंबर में उल्कापात
उल्कापात के नजारे अंतरिक्ष की सबसे रोमांचक घटनाओं में से एक होते हैं। इस साल 11 से 14 अगस्त के बीच पर्सीड उल्कापात का समय रहेगा। जब हर घंटे 50 से 70 तक टूटते तारे अंधेरे आकाश में नजर आएंगे। इसके अलावा एक से 15 दिसंबर के बीच जेमिनीड उल्कापात चरम पर होगा। यह साल का सबसे बड़ा उल्कापात होता है। जिसमें हर घंटे 100 से 150 तक टूटते तारे नजर आते हैं। 21 से 23 अक्तूबर के बीच एरीनोड उल्कापात की तारीख तय है।

सूर्य से उत्पन्न प्लाज्मा होते हैं सौर तूफान
इस साल दो सौर तूफान भी पृथ्वी से टकरा सकते हैं। सौर तूफान सूर्य से उत्पन्न होने वाले प्लाज्मा होते हैं। जो पृथ्वी के वातावरण में पहुंचने पर हमारे बिजली संयंत्रों, टेलीकॉम नेटवर्क, सैटेलाइट को नुकसान पहुंचाते हैं। खगोल वैज्ञानिकों ने इस साल दो सौर तूफानों की भविष्यवाणी है। जो सूर्य से उठकर पृथ्वी के करीब तक पहुंच सकते हैं।
 

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