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उत्तराखंड. 17 हजार शिक्षकों की बची नौकरी

Cancellation of teachers Transfer Policy

उत्तराखंड के 16 हजार 800 विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की मुराद पूरी हो गई। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) संशोधन विधेयक की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत राज्य सरकार को एनसीटीई की क्षेत्रीय कमेटी से बैकडेट से मान्यता लेने के लिए औपचारिक आवेदन भर करना होगा।  संशोधित कानून के अनुसार केंद्र व राज्य सरकार के सहायतित संस्थानों से की गई ट्रेनिंग व विभिन्न पाठ्यक्रमों को बैकडेट से मान्यता मिल जाएगी। अब तक एनसीईटी बैकडेट से मान्यता न देने पर अड़ा था। विधेयक में संशोधन से बैकडेट की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के अधीन या आर्थिक मदद से संचालित संस्थानों के वर्ष 2017—18 तक के कोर्स और ट्रेनिंग को मान्यता देने के लिए एनसीटीई की क्षेत्रीय कमेटी को अधिकृत किया गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और सांसद अनिल बलूनी का आभार जताया।

यह था मामला
एनसीईटीई के नए मानकों के अनुसार बेसिक और जूनियर कक्षाओं के शिक्षकों को दो वर्षीय डीएलएड-बीएड प्रशिक्षितों को छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य हो गया था। इस शैक्षिक योग्यता को 31 मार्च 2019 तक पूरा न करने पर शिक्षक की सेवा समाप्त हो जानी थी। हालांकि राज्य के 16,800 शिक्षकों ने विभिन्न डायट से विशिष्ट बीटीसी के मार्फत काफी पहले ही शैक्षिक अर्हता पा ली थी, लेकिन शिक्षा विभाग एनसीटीई से इस कोर्स की मान्यता नहीं ले पाया था। इससे ये शिक्षक भी अप्रशिक्षित शिक्षक हो गए थे। राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी की पहल पर केंद्र सरकार ने तीन जनवरी को राज्यसभा में एनसीटीई ऐक्ट में नया संशोधन पारित कर दिया था। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव डॉ.जी.नारायण राजू ने अधिसूचना जारी कर दी।

पांचवीं और आठवीं में अब फेल कर सकेंगे
देश में पढ़ाई में कमजोर बच्चों को कक्षा पांच व आठवीं में फेल करने की व्यवस्था फिर से लागू हो गई। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून का संशोधन कानून जारी कर दिया। इससे पढाई में कमजोर छात्रों को पांचवीं और आठवीं कक्षा में रोका जा सकेगा। अब तक पहली से आठवीं कक्षा तक फेल न करने की नीति लागू थी। इसके दुष्प्रभाव देखते हुए बदलाव की मांग की जा रही थी। 

 

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  • Web Title:17000 teachers job saves in uttarakhand