अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मांगों पर कार्यवाही न होने से राजकीय शिक्षक संघ सरकार से खफा

राजकीय शिक्षक संघ ने शिक्षकों की लम्बित मांगों पर लम्बे समय के उपरांत भी कार्यवाही नहीं होने पर सरकार एवं विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है। कहा कि संगठन की मांगों को लेकर सरकार ने उचित समय पर फैसला लिये जाने का आश्वासन दिया था, किंतु इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है। 18 सूत्रीय मांगों पर जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।संघ के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष रवीन्द्र राणा, मंडलीय प्रवक्ता जसपाल सिंह गुसांई, मंत्री हेमंत पैन्यूली, संरक्षक शिव सिंह नेगी, उपाध्यक्ष बृजेश पंवार ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए कहा कि शिक्षकों की मांगों को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने दोनों मंडलों के शिक्षकों की मांगों पर कार्यवाही हेतु मंडला आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश सरकार को दिये थे, किंतु उस भी कोई काम सरकार ने नहीं किया। शिक्षकों ने सरकार से जल्द कमेटी बनाकर कार्यवाही की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रधानाचार्यों के पदों पर सीधी भर्ती से पचास प्रतिशत पदों पर नियुक्ति करने जा रही है, किंतु प्रधानाचार्य का पद राजपत्रित का पद है, जिस पर सीधी भर्ती का कोई प्रावधान न होकर पदोन्नति से ही प्रधानाचार्य के पद भरे जाते हैं। प्रधानाचार्य के सीधी भर्ती का विरोध करते हुए शिक्षकों ने कहा कि सरकार पदोन्नति के रास्ते बंद करना चाहती है। साथ ही स्थानांतरण सूची जल्द जारी करने, कोटद्वार विस में 2005 में नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाय। मंडलीय प्रवक्ता जसपाल सिंह गुंसाई ने महिला शिक्षिकाओं के लिए बाल्य देखभाल हेतु 15 दिन का अवकाश प्रधानाचार्य स्तर से स्वीकृत करने के अधिकार दिये जाने की मांग उठाई। कहा कि उक्त मांगों पर सरकार द्वारा लगातार देरी की जा रही है, जिससे शिक्षकों में रोष पनप रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:State teacher disrupts union government due to lack of action on demands