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बैसाखी पर देवलगढ़ में माँ गौरा देवी ने खेला हिंडोला

बैसाखी पर्व पर देवलगढ़ में भव्य मेला आयोजित हुआ। इस मौके पर गौरा देवी मंदिर एवं राजराजेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गौरा देवी मंदिर में मां गौरा देवी को हिंडोला (झूला झुलाया) खिलाया गया। अलग-अलग गांवों से टीमों में ढोल-दमाऊ के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए। देवलगढ़ में प्रत्येक वर्ष बैसाखी मेले का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है। मां गौरा भगवती बैसाखी के पावन पर्व पर परंपरानुसार चार महीने मायके रह कर ससुराल आती है। जिससे मां गौरा देवी के दर्शनों के लिए गांव-गांव से श्रद्धालुओं को हुजुम उमड़ता है। नवरात्र के समापन पर सुमाड़ी गांव के ग्रामीण मां गौरा की विदाई ठीक उसी तरह से करते है जिस तरह मां-बाप अपनी बेटियों की विदाई करते हैं। मां गौरा का मायका सुमाड़ी और ससुराल बुघाणी है। बैसाखी पर श्रद्धालु सुमाड़ी से मां के भजनों को गाकर पैदल बुघाणी होते हुए देवलगढ़ पहुंचे। राजराजेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं क्षेत्रीय विकास एवं संघर्ष समिति देवलगढ़ के अध्यक्ष कुंजिका प्रसाद उनियाल बताते हैं कि इस मेले को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह रहता है। पूरे साल भर इस मेले का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। मौके पर देवी प्रसाद, मनोज काला, मुकेश काला, सुधीर बहुगुणा, मंगलसिंह, विपिन चमोली, विमल काला, सुरेश बहुगुणा, मेदनीधर कगडियाल, सुनील, गजेन्द्र, महावीर बहुगुणा, शंकर सिहं केशव काला, जितेन्द्र रावत आदि मौजूद रहे। मेले में खूब बिकी जलेबियांश्रीनगर। देवलगढ़ में आयोजित बैशाखी मेले में जलेबियों की दुकानों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। युवाओं में फास्ड फूड का क्रेज होने के बावजूद युवा एवं महिलाओं ने जलेबियों की भी खूब खरीदारी की। गैरू के भंडारी परिवार ने लगाया भंडाराश्रीनगर। देवलगढ़ बैसाखी मेले में गैरू गांव के नवीन भंडारी एवं कमला भंडारी की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। जिसका लोगों ने खूब फायदा उठाया। इस मौके पर हजारों ने लोगों ने भंडारे में भोजन किया।

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  • Web Title:Maa Gaura Devi played the carousel in Baivakhi on Dehalgarh