Hindi NewsUttarakhand NewsSrinagar NewsKamleshwar Mahadev Temple to Host Standing Diya Ritual for Childless Couples on November 4
खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए 135 दंपति ने कराया पंजीकरण

खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए 135 दंपति ने कराया पंजीकरण

संक्षेप:

कमलेश्वर महादेव मंदिर में 4 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर खड़ा दीया अनुष्ठान होगा। इस अनुष्ठान में संतान प्राप्ति की कामना करने वाले 135 दंपति पंजीकरण कर चुके हैं। पिछले साल 145 दंपति ने भाग लिया...

Oct 21, 2025 03:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, श्रीनगर
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ऐतिहासिक व पौराणिक सिद्धपीठ कमलेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 4 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर खड़ा दीया अनुष्ठान होगा। मंदिर में संतान कामना के लिए दंपति यह अनुष्ठान करते हैं। मान्यता है कि खड़ा दीया अनुष्ठान करने वाले दंपति को संतान प्राप्ति होती है। कमलेश्वर मंदिर में खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 135 दंपति पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण आगामी 4 नवंबर सांय तक किए जा सकते हैं। कमलेश्वर महादेव मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि आगामी 4 नवम्बर को कमलेश्वर महादेव मंदिर में खड़े दिया का अनुष्ठान किया जायेगा। बताया कि अभी तक बंगलौर, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, नोएडा सहित उत्तराखंड के 15 दंपतियों ने संतान प्राप्ति के लिए पंजीकरण करवाया है।

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बताया कि पिछले वर्ष 145 निसंतान दंपति ने पंजीकरण करवाया था। महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि कमलेश्वर महादेव मंदिर में हर साल कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी की रात दंपति संतान कामना के लिए भगवान शिव की पूजा करते हैं। मान्यता है कि दानवों पर विजय पाने के लिए भगवान विष्णु ने श्रीनगर के कमलेश्वर में स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव से वरदान पाने के लिए तप किया था। भगवान विष्णु शिव के सहस्त्रनाम के अनुरूप जाप करते हुए एक हजार कमल पुष्प चढ़ाने लगे। भगवान शिव ने श्रीहरि विष्णु की परीक्षा लेने के लिए एक कमल छुपा दिया था। एक कमल पुष्प कम होने से यज्ञ में कोई बाधा न पड़े इसके लिए श्रीहरि विष्णु ने अपना एक नेत्र अर्पित करने का संकल्प लिया। इससे प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने भगवान विष्णु को अमोघ सुदर्शन चक्र वरदान के रूप में दिया। इस दौरान मंदिर में पूजा करते हुए एक दंपति भगवान की इस लीला को देख रहे थे। मां पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने उस दंपति को संतान प्राप्ति का वरदान दिया। तब से यहां बैकुंठ चतुर्दशी पर्व पर दंपति संतान प्राप्ति के लिए खड़ा दीया अनुष्ठान करते हैं।