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23 सितम्बर, 2020|3:11|IST

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गांधी के अंहिसा के सिद्धांत को अपनाने पर जोर

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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि की ओर से राजनीतिक कार्य और सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत के रूप में गांधी के अहिंसा की वैश्विक प्रासंगिकता विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला के तहत पांचवी ऑनलाइन वेब पैनल चर्चा हुई। इस मौके पर गांधी जी के द्वारा अहिंसा का सिद्धांत व वर्तमान वैश्विक समुदाय में अहिंसा के विचार के साथ-साथ गांधी जी के सत्य के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया गया।

मुख्य वक्ता लिबरल आर्ट्स और सामाजिक विज्ञान क्लेवलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी ऑहियो अमेरिका के प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि सत्य और अहिंसा गांधीवादी विचार धारा के दो आधारभूत सिद्धांत हैं। गांधी जी का मानना था कि जहं सत्य है, वहां ईश्वर है। उन्होंने वर्तमान में वैश्विक स्तर पर गांधी जी के अहिंसा के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अपने वकतव्य में गांधीवादी विचारों से ओत-प्रोत आंददोलन का भी जिक्र किया, जिसमें टिहरी बांध में सुंदरलाल बहुगुणा का आंदोलन व कई अन्य आंदोलन शामिल रहे। जिनप पर गांधी जी का सत्य व अहिंसा के विचारों का प्रभाव दिखाई दिया। गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने प्रो. अनूप कुमार का सवागत करते हुए कहा विवि द्वारा गांधी जी के 150वीं जयंती के अवसर पर एक पुस्तक आगामी दिनों में प्रकाशित की जाएगी। चर्चा में प्रो. डीआर पुरोहित, कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रशांत कंडारी, डॉ. नागेंद्र रावत, डॉ. राकेश नेगी, डॉ. श्वेता, डॉ. नरेश कुमार आदि ने सहयोग दिया।

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  • Web Title:Gandhi insists on adopting the principle of non-violence