अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंटरनेट व सोशल साइट के बजाय पुस्तकों के अध्ययन पर ध्यान दें युवा:प्रो. पचौरी

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग में व्याख्यानमाला आयोजित की गई। इस मौके पर बतौर मुख्य वक्ता प्रसिद्ध समाज शास्त्री प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि युवाओं द्वारा नई टेक्नोलॉजी के जरूरत से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। जिससे युवाओं में मानसिक अवसाद बढ़ रहा है। कहा मोबाइल के ज्यादा प्रयोग करने से युवा वास्तविक दुनिया से दूर होता जा रहा है। प्रो. पचौरी ने कहा कि मोबाइल पर इंटरनेट व अलग-अलग सोशल साइट पर व्यस्त युवा कई बीमारियों से ग्रसित होता जा रहा है। कहा युवाओं का ध्यान पुस्तकों से हटता जा रहा है। जिससे उनमें नकारात्मक भी बढ़ती जा रही है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच पैदा करने के लिए प्रेरित किया। कहा पुस्तकों के पढ़ने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। उन्होंने ज्ञान की शक्ति को सर्वोपरी बताया। मौके पर समाज शास्त्र एवं समाज कार्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. किरन डंगवाल ने प्रो. पचौरी का स्वागत करते हुए छात्र-छात्राओं से उनके द्वारा दिए गए ज्ञान को आत्मसात करने की अपील की। कार्यक्रम में पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डा. अरविंद दरमोड़ा, दिनेश चौधरी, नरेश मिश्रा, मनीष भारद्वाज, मनीष सैन, सरिता, विजयेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Focus on study of books instead of internet and social site Youth Prof Pachauri