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बरसात में चमधार और बछेलीखाल बन सकते है खतरे के सबब

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऋषिकेश से लेकर कल्यासौड तक 12 लैंडसलाइड जोन सक्रिया हुए है। मनसून में यह भूस्खलन जोन खतरे का सबब बन सकते...

बरसात में चमधार और बछेलीखाल बन सकते है खतरे के सबब
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हिन्दुस्तान टीम,श्रीनगरThu, 20 Jun 2024 04:00 PM
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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऋषिकेश से लेकर कल्यासौड़ तक 12 लैंडसलाइड जोन सक्रिय हैं। बरसात में यह भूस्खलन जोन खतरे का सबब बन सकते हैं। जिसमें बछेलीखाल और चमधार में हल्की सी बारिश में पहाड़ी से मलबा आने का खतरा बना रहता है। यह भूस्खलन जोन एक ही बारिश में सक्रिय हो जाते हैं। हालांकि एनएच विभाग चारधाम की सुरक्षा के दावे कर रहा है।
श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता तनुज कामबुज ने बताया कि ऋषिकेश से लेकर कल्यासौड़ तक 12 भूस्खलन जोन सक्रिय है। बताया कि व्यासी, गुलरघाटी, तीमलपानी, अटालीगंगा, साकनीधार, बछेलीखाल और चमधार में भूस्खलन जोन बने हैं। जिसमें बछेलीखाल और चमधार अधिक संवेदनशील हैं। जो कि बरसात के समय अधिक सक्रिय हो जाते हैं। बताया कि सभी भूस्खलन प्रभावित इलाकों में जीसीबी की व्यवस्था की गयी है। साथ ही चमधार और साकनीधार में एक-एक डोजर भी लगाये गये हैं। बताया कि सभी भूस्खलन जोनों की प्रस्ताव केंद्र में रखे हैं।

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