
जंगल बचाना ही होगा… जिम कॉर्बेट पर सुनवाई करते हुए SC की अहम टिप्पणी, सरकार को 3 माह का समय
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिम कॉर्बेट में बने सभी अवैध निर्माण तीन महीने के भीतर तोड़ दिए जाएं। सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई ने इको-टूरिज्म की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के संरक्षण को लेकर सोमवार को कई अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने राज्य सरकार को अवैध पेड़ कटाई की भरपाई के लिए प्रभावी नुकसान की भरपाई के लिए सुधार के आदेश दिए।
देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि राज्य पर्यटन को बढ़ावा देना चाहता है, तो उसे इको-टूरिज्म की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कोर क्षेत्र में अपने परिवारों से दूर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए।
अदालत ने मुख्य वन्यजीव वार्डन को आदेश दिया कि जिम कॉर्बेट में बनी सभी अनधिकृत संरचनाओं को तीन महीने के भीतर ध्वस्त किया जाए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल को राज्य सरकार की पारिस्थितिक बहाली योजना की निगरानी करने का निर्देश दिया है।
अदालत के ये निर्देश जिम कॉर्बेट क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों को सख्ती से लागू कराने और पर्यावरणीय क्षति को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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