ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंड रुद्रपुरतराई में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आंधी संग बूंदाबांदी

तराई में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आंधी संग बूंदाबांदी

तराई में भीषण गर्मी से प्री मानसून ने राहत दी है। दिन में निकली कड़ी धूप के बाद दोपहर बाद आसमान में काले बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी होने...

तराई में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आंधी संग बूंदाबांदी
हिन्दुस्तान टीम,रुद्रपुरMon, 24 Jun 2024 08:15 PM
ऐप पर पढ़ें

तराई में भीषण गर्मी से प्री मानसून ने राहत दी है। दिन में निकली कड़ी धूप के बाद दोपहर बाद आसमान में काले बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से धूप के तल्ख तेवरों ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया था। तेज गर्मी के साथ गर्म हवाओं के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था।
सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा गया। दिन में धूप तो निकली लेकिन तपिश कम रही। दोपहर होते ही आसमान में काले बादल छाने के साथ धूलभरी आंधी के साथ कई जगहों पर बूंदाबांदी व हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आ गई। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्यिगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी आरके सिंह ने बताया कि तराई में प्री मानसून के आने से तापमान नीचे चला गया है। इससें लोगों को गर्मी से राहत मिल पाई है। उन्होंने बताया कि तराई में अगले दो दिनों तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान है। जिसको लेकर लोगों को सावधान रहने की भी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि तराई में मानसून के आने तक मौसम करवट बदलता रहेगा। मौसम विज्ञानी आरके सिंह ने बताया कि अगले दो दिनों तक 15 से 20 एमएम बारिश होने का पूर्वानुमान है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 28.9 दर्ज किया गया। वही दक्षिण- पूर्व दिशा से 13.4 की रफतार से चली हवा ने ठंडक का अहसास कराया।

किसानों को है मानसून के आने का इंतजार

भीषण गर्मी की मार से सबसे अधिक खेती करने वालों किसानों पर पड़ी है। खेतों की सिंचाई के लिए किसान मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तराई में प्री मानसून के देरी से आने से किसान पहले से ही परेशान हैं। सुविधा संपन्न किसानों के अलावा अन्य किसान खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसानों को डर है कि प्री मानसून की तरह मानसून देर से आया तो धान की फसल पिछड़ जाएगी। इसका असर अगली फसल गेहूं की बुआई पर भी पड़ेगा। वहीं अधिक बरसात हुई तो धान की फसल पकने में दिक्कत होगी और अगर बरसात कम रही तो किसानों के सामने सिंचाई का संकट और भी ज्यादा होगा।

खटीमा में एक घंटे में 12 एमएम हुई बारिश

खटीमा। खटीमा में सुबह के समय आसमान में घने काले बादल छा गए। नौ बजे से गरज के साथ मानसून की पहली तेज बारिश हुई। इससे चारों ओर धुंध छा गई। एक घंटे तक बिना रुके तेज बारिश होती रही।

थारू राइका के ईको लैब प्रभारी एनएस रौतेला ने बताया कि सोमवार को एक घंटे मे 12 एमएम बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनत 27 डिग्री सेल्सियस रहा। रौतेला ने बताया कि रात को भी बारिश होने की संभावना है और आगे और बारिश होगी। सुबह के समय हुई तेज बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल गए। किसान बिजली की मोटर और पंप से पानी लगा रहे थे। बारिश होने से किसानों ने जहां राहत की सांस ली वहीं आम जनता को भी गरमी से राहत मिली है। ग्रामीण क्षेत्र में किसान रोपाई में जुटे हुए हैं।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।