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वनकर्मियों के जानलेवा हमला करने वाला दंपति कार समेत फरार

वनकर्मियों के जानलेवा हमला करने वाला दंपति कार समेत फरार

वनकर्मियों पर पेट्रोल छिड़ककर जलाने का प्रयास करने के आरोपी पत्नी और उसका पति रातों-रात फरार हो गये। रनसाली रेंजर बीडी जोशी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों ने खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इधर, तीन झुलसे वनकर्मियों को बुधवार की दोपहर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। यहां से एक कर्मचारी को हायर सेंटर रेफर कर दिया है।रनसाली रेंजर बीडी जोशी ने कोतवाली में दर्ज कराये मुकदमे में बताया कि मंगलवार की देर शाम उनके नेतृत्व में डिप्टी रेंजर धीरेन्द्र पंत, गजेन्द्र सिंह विष्ट, दिनेश कुमार सिंह, गणेश दत्त पाण्डे, विनोद मेहरा, गुरमेज सिंह मनोज राणा गश्त पर थे। मुखविर की सूचना पर ध्यानपुर गांजा की ओर रवाना हुए। बताया कि नीले रंग की बिना नम्बर की मारुती कार में खैर की लकड़ी छीलकर बेचने के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही थी। वन कर्मियों को देख भवन मालिक लखविन्दर सिंह उर्फ लख्खी मौके से फरार हो गया। वन कर्मचारी कुछ समझ पाते लखविन्दर की पत्नी गाली-गलौज करते हुए दो लीटर की बोतल में पेट्रोल लेकर आ गई। उसने वनकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। इस दौरान जांच कर रहे वन आरक्षी विनोद मेहता, गणेश दत्त पाण्डे व गुरमेज सिंह के कपड़ों ने आग पकड़ी ली। इस दौरान विनोद मेहता के दोनों हाथ झुलस गये। गणेश पाण्डे के दोनों हाथ व सिर और गुरमेज सिंह के दोनों पैर जल गए। वन आरक्षी विनोद की गम्भीर हालात देखते हुए उसे सितारगंज से हल्द्वानी को रेफर कर दिया है।घटना के बाद वनकर्मी कब्जे में ली हुई खैर की लकड़ी से लदी कार छोड़कर नानकमत्ता थाने पहुंचे। रात करीब दो बजे नानकमत्ता पुलिस टीम और वनकर्मियों ने एक साथ लखविन्दर के घर में दबिश दी। तब तक लखविन्दर अपनी पत्नी के साथ फरार हो गया था। खैर की लकड़ी लदी बिना नम्बर की कार भी वन तस्कर ले गये। पुलिस व वन कर्मियों ने आसपास भी दबिश दी लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

लखविन्दर है हिस्ट्रीशीटर

ग्राम ध्यानपुर गांजा निवासी लखविन्दर उर्फ लख्खी नानकमत्ता थाने में हिस्ट्रीशीटर है। कोतवाल डीआर वर्मा ने बताया कि लखविन्दर के खिलाफ नानकमत्ता थाने में करीब 24 मामले दर्ज हैं। वर्ष 1997 में वह वन तस्करी में नामजद हुआ था। बाद में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अवैध हथियार, एनडीपीएस, घर में घुसकर मारपीट, सरकारी कार्यों में बांधा पहुंचाना, सरकारी कर्मचारियों से मारपीट करना, गाली गलौज करना और बलवा के मामले दर्ज हैं। चार मुकदमे वन तस्करी से सम्बंधित हैं। उस पर गुण्डा एक्ट भी लगी है। इनसेटपति लख्खी से मोबाइल पर बात कर वनकर्मियों को जलायानानकमत्ता। वन कर्मियों ने बताया कि उसकी पत्नी घटना के दौरान अपने पति लखविन्दर से मोबाइल में बात कर रही थी। उसी के इशारे पर महिला ने वनकर्मियों पर पेट्रोल उड़ेलकर उन पर आग लगा दी।

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  • Web Title:Vanakaramiyo in the car with a murderous attack