
राज्य आंदोलनकारी शंकर सिंह फिकवाल को मदद की दरकार
संक्षेप: उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर आंदोलनकारियों का सम्मान किया जा रहा है। तिगरी निवासी शंकर सिंह फिकवाल ब्रेन हैमरेज के बाद चार माह से बिस्तर पर हैं। उनके इलाज पर 22 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और उन्हें सरकारी मदद की आवश्यकता है। भाजपा नेता रंदीप पोखरिया ने उनके परिवार से मुलाकात की और सहायता की अपील की।
खटीमा, संवाददाता। उत्तराखंड राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर जहां राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जा रहा है, वहीं एक आंदोलनकारी ऐसे भी हैं जो ब्रेन हैमरेज के बाद चार माह से बिस्तर पर हैं। अब तक उपचार में करीब 22 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्हें सरकार और संगठनों से मदद की जरूरत है। तिगरी निवासी शंकर सिंह फिकवाल पुत्र प्रेम सिंह राज्य आंदोलन के दौरान जेल गए थे। इस समय वह शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में सैजना इंटर कॉलेज में कार्यरत हैं। 19 जून को उन्हें अचानक ब्रेन हैमरेज हो गया, जिसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

उनका इलाज रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। अब तक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं आया है। परिवार उनके उपचार पर अब तक करीब 22 लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुका है और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता रंदीप पोखरिया बुधवार को शंकर सिंह को सम्मानित करने उनके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शंकर के पिता और वह स्वयं राज्य आंदोलन के दौरान 22 दिन उरई जेल में रहे थे। पोखरिया ने बताया कि शंकर का पुत्र उदय मालदीव में नौकरी करता है। पिता की बीमारी के चलते वह चार माह से घर पर है। उन्होंने सरकार और सामाजिक संगठनों से शंकर सिंह के उपचार में सहयोग की अपील की है।

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